लखनऊ, 17 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने शनिवार को फार्म-7 में जानबूझकर झूठी जानकारी देने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार रिणवा ने प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को फार्म-7 के माध्यम से दाखिल किए जाने वाले आवेदनों के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के अनुसार मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण अथवा शुद्धि या किसी प्रविष्टि को मतदाता सूची में शामिल करने व हटाने के संबंध में जानबूझकर गलत जानकारी देना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि इसके लिए दोषी व्यक्ति को एक वर्ष तक के कारावास अथवा जुर्माने या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी का नाम हटाने या शामिल करने पर आपत्ति जताने के लिए किया जाता है।
भाषा आनन्द जोहेब
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