कोझिकोड, 17 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के नेतृत्व वाली मौजूदा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के तहत होने वाली जांच पर भाजपा और केरलम के लोगों को भरोसा नहीं है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता पी के कृष्णदास ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सतीशन सरकार पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक भ्रष्टाचार तथा हवाला मामलों की जांच को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया।
भाजपा नेता ने कहा कि केआईआईएफबी में कथित घोटाले की जांच को भी इसी तरह कमजोर किए जाने की आशंका है।
कृष्णदास ने कहा, “इसीलिए हम केआईआईएफबी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। भाजपा और केरलम के लोगों को सतीशन सरकार के तहत होने वाली किसी भी जांच पर भरोसा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में ही करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद अनियमितताओं की बात स्वीकार की है।
कृष्णदास ने कहा कि हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
माकपा पर निशाना साधते हुए कृष्णदास ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों से पार्टी दावा करती रही है कि केआईआईएफबी राज्य में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, “लेकिन वास्तव में केआईआईएफबी की आड़ में जमीन-जायदाद के सौदे, कमीशन की वसूली और सरकारी खजाने की लूट हुई। इसके अलावा कुछ नहीं हुआ।”
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