प्रतापगढ़, 17 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की एक अदालत ने छह वर्ष पुराने हत्या और अन्य अपराधों के मामले में शनिवार को पति-पत्नी और उनके दो बेटों समेत नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष ने यह जानकारी दी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) रविंद्र बहादुर सिंह ने शनिवार शाम बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश रामलाल की अदालत ने हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट और धमकी देने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद साक्ष्यों के आधार पर नौ आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
दोषियों की पहचान संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मुरैनी गांव निवासी हरिनारायण सिंह, उनकी पत्नी राजवती, उनके बेटों मनीष सिंह और मनोज सिंह तथा राकेश यादव, तीरथ नाथ यादव, सचिन यादव, स्वामीनाथ यादव और पारसनाथ यादव के रूप में हुई है।
सिंह ने बताया कि 22 मई 2020 को मुरैनी गांव में नाली बंद करने को लेकर विवाद हुआ था। शिकायतकर्ता शिव राजा देवी ने आरोप लगाया था कि नाली बंद किए जाने का विरोध करने पर आरोपियों ने उनके परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की और उन पर हमला कर दिया। आरोपी उनके घर में भी घुस गए और उनके तथा राज बहादुर के साथ मारपीट की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस घटना में राज बहादुर को गंभीर चोटें आई थीं। प्रयागराज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने शनिवार को सुनवाई पूरी कर नौ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत