मुंबई, 17 अक्टूबर (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लोगों से मतदान और विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से अपनी बात रखने का अधिकार छीन रही है, तो ऐसी सरकार को बदले जाने की जरूरत है और विपक्ष इसके लिए आवाज उठा रहा है।
उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ (रिजीम चेंज) के आह्वान का समर्थन किया।
ठाकरे ने कहा, ‘‘पुलिस युवाओं और महिलाओं के साथ मारपीट कर रही है और उनके कपड़े फाड़ रही है। ऐसी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंक देना चाहिए।’’
उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और अन्य दलों द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कथित हिंसा का जिक्र करते हुए यह बात कही।
अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली में हजारों पुलिसकर्मियों को “डांडिया खेलने” के लिए तैनात किया गया है। उनकी टिप्पणी नवरात्रि के मौजूदा त्योहार के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों पर लाठियों के इस्तेमाल पर कटाक्ष थी।
दशहरा समारोह के दौरान कॉकरोच के पुतले को जलाए जाने की खबरों का जिक्र करते हुए ठाकरे ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग राम को लाने का दावा करते हैं, वे कॉकरोच से डरते हैं।
ठाकरे ने कहा, ‘‘हम यहां सत्ता परिवर्तन करने के लिए हैं।’’
बृहस्पतिवार को कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रशांत भूषण ने कहा था कि लोकतंत्र में किसी सरकार के प्रति “असंतोष” व्यक्त करना अपराध नहीं है।
भूषण ने कहा था कि अब यह संघर्ष “वास्तव में सत्ता परिवर्तन के लिए” है। उनके इस बयान के बाद भाजपा समेत सत्तारूढ़ दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
भूषण ने कहा था, “सरकार आरोप लगा रही है कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन करना चाहता है... हम फिलहाल यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं कि चुनाव सही तरीके से कराए जाएं। लेकिन अगर इस तरह की बर्बरता जारी रहती है, तो निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन होगा।’’
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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