मोरीगांव (असम), 17 अक्टूबर (भाषा) सिंगापुर में गायक जुबीन गर्ग की मौत के बाद सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले वकील रतुल बोरा ने शनिवार को कहा कि वह गौहाटी उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे, जिसमें सात आरोपियों में से दो को जमानत दी गई है।
उन्होंने कानूनी कार्यवाही में सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र में ‘‘खामियों’’ के कारण आरोपियों को जमानत मिली।
गर्ग के चचेरे भाई और उनके बैंड की सदस्य एवं गायिका अमृतप्रभा महंत तथा असम पुलिस के निलंबित उपाधीक्षक संदीपन गर्ग को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है।
बोरा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘पुलिस के आरोपपत्र में खामियों के कारण इस मामले के आरोपियों को एक के बाद एक जमानत मिल रही है। कानूनी कार्यवाही में सरकार की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है।’’
वकील ने यह भी कहा, ‘‘मैं दो आरोपियों को जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख करूंगा। मैं शीर्ष अदालत से अनुरोध करूंगा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अन्य आरोपियों को जमानत न मिले।’’
महंत और संदीपन के अलावा, नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) नंदेश्वर बोरा तथा प्रबीन बैश्य इस मामले में आरोपी के रूप में जेल में बंद हैं।
गायक गर्ग की पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
भाषा आशीष अविनाश
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