गोरखपुर (उप्र) 17 अक्टूबर (भाषा) गोरखपुर जिला मुख्यालय की महेवा फल-सब्जी थोक मंडी में शनिवार को शारदीय नवरात्र की सप्तमी के अवसर पर सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल कायम करते हुए हिंदू और मुस्लिम व्यापारियों ने मिलकर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया।
'व्यापारी प्रगति सब्जी थोक विक्रेता कल्याण समिति' द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लगभग 20,000 लोगों को भोजन कराना और भाईचारे तथा मानवता का संदेश फैलाना था।
समिति के महासचिव आसिफ अय्यूब ने बताया कि महेवा मंडी में हिंदू और मुस्लिम व्यापारी वर्षों से एक साथ कारोबार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान इफ्तार और नवरात्र के दौरान भंडारे का आयोजन करना, उनके आपसी सम्मान और सद्भाव की पुरानी परंपरा का हिस्सा है।
अय्यूब ने कहा, 'जब हम एक साथ काम करते हैं, तो हमारी कोई अलग पहचान नहीं होती। हम सभी एक समुदाय के रूप में व्यापार करते हैं। मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।'
समिति के अध्यक्ष नबी मोहम्मद ने बताया कि नवरात्र के दौरान इतने बड़े पैमाने पर भंडारे का आयोजन पहली बार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल लोगों को भोजन कराना ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव व भाईचारे को बढ़ावा देना भी था।
समिति के सदस्य कमलेश कश्यप ने कहा कि महेवा मंडी के व्यापारी एक परिवार की तरह रहते हैं और अपने धार्मिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, सभी त्योहार एक साथ मिलकर मनाते हैं।
आयोजकों के अनुसार, मंडी में लगभग 70 प्रतिशत व्यापारी मुस्लिम हैं, फिर भी, सभी समुदायों के व्यापारी एक-दूसरे के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
भाषा सं आनन्द जोहेब
जोहेब