नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में शनिवार को एक महिला चालक द्वारा कथित तौर पर लापरवाही से चलाई जा रही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे इस हादसे में 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि हादसा सुबह करीब 10:15 बजे देशबंधु गुप्ता (डीबीजी) रोड पर आनंद पर्वत बस स्टैंड के पास टी-पॉइंट पर हुआ। रूट नंबर 212 पर चलने वाली बस की चपेट में दो स्कूटर, एक मोटरसाइकिल, एक ई-रिक्शा और एक साइकिल रिक्शा आ गए।
उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान दिल्ली के रानीखेड़ा निवासी अतुल भारद्वाज (40) के रूप में हुई है ओर हादसे के समय वह स्कूटर चला रहे थे। उन्होंने बताया कि बस की सीधी टक्कर से उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। उनके स्कूटर पर पीछे बैठे प्रेम नगर निवासी भूषण कुमार (38) गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, दूसरे स्कूटर के चालक बापा नगर निवासी राकेश (48) और बिहार के भागलपुर निवासी साइकिल रिक्शा चालक ध्रुव कुमार मिश्रा (56) भी हादसे में घायल हो गए। इसके अलावा, मोटरसाइकिल सवार शकूरपुर निवासी दीपक (34) को मामूली चोटें आईं।
सूचना मिलने पर पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए एलएचएमसी अस्पताल और जीवन माला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हादसे के संबंध में डीबीजी रोड थाना पुलिस को पीसीआर कॉल मिली थी, जिसके बाद एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बस चला रही महिला चालक रेनू बाला (26) को हिरासत में ले लिया गया है। वह हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली है।’’
प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी के बारे में बताया। उनके मुताबिक, टक्कर के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और बस के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे।
राहुल नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने जोरदार आवाज सुनी और देखा कि दो लोग बस के पहियों के नीचे दबे हुए थे।
उन्होंने कहा, 'वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी अफरा-तफरी के बीच महिला चालक मौके से भाग निकली। कुछ लोगों ने बस को एक तरफ झुकाकर उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।'
राहुल ने दावा किया कि हादसे के समय चौराहे पर कोई यातायात पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
घटना के समय अपने घर के बाहर खड़े एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने आरोप लगाया कि बस बहुत तेज गति से और लापरवाही से चलाई जा रही थी।
उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुखद घटना थी। आम जनता ने ही बस के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला।'
उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद चालक और परिचालक दोनों मौके से फरार हो गए थे।
प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इसके कारण कुछ आक्रोशित लोगों ने बस में तोड़फोड़ करने की कोशिश की, हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'डीटीसी ने घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।'
भाषा सुमित रंजन
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