चंडीगढ़, 16 अक्टूबर (भाषा) अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब के मानसा में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार से शुक्रवार को मुलाकात की और राज्य में मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाने में ‘‘नाकाम’’ रहने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी आलोचना की।
झोटा मादक पदार्थों के सेवन और दवा की दुकानों पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी।
जत्थेदार गड़गज्ज ने झोटा के परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि पंजाब सरकार मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाने में ‘‘नाकाम’’ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाना सरकार की जिम्मेदारी है लेकिन यह सरकार इसमें पूरी तरह विफल रही है।’’
गड़गज्ज ने कहा कि जुलाई में शुरू हुई ‘मीरी-पीरी खालसा’ यात्रा के दौरान उन्होंने पंजाब के गांवों में कई परिवारों से मुलाकात की थी और इन परिवारों ने उन्हें बताया था कि मादक पदार्थों की समस्या ने उनके जीवन पर कितना गंभीर असर डाला है।
इससे पहले मंगलवार को भी जत्थेदार ने मानसा में झोटा की हत्या की निंदा की थी। उन्होंने इसे ‘पंथ’ और पंजाब के लिए बड़ी क्षति तथा मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाने में राज्य सरकार की ‘‘नाकामी’’ बताया था।
उन्होंने कहा था कि मादक पदार्थों के तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे नशीले पदार्थ बेचने के साथ-साथ खुलेआम हत्याएं भी कर रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने भी मानसा में झोटा के परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने बाद में पत्रकारों से कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब झोटा के परिवार के साथ खड़ा है।
बादल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के कार्यकाल में मादक पदार्थों की समस्या बढ़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार में मादक पदार्थ बेचने वालों को संरक्षण मिल रहा है। उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि अगर कोई मादक पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे गोली मार दी जाती है।’’
उन्होंने मौजूदा सरकार को तत्काल बर्खास्त किए जाने की मांग की।
झोटा की हत्या के आरोपी एवं दवा की दुकान के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया है।
आरोप है कि अश्वनी कुमार एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेच रहा था और जब झोटा ने इस बारे में उससे सवाल किया तो उसने झोटा पर गोली चला दी।
यह घटना उस समय हुई, जब झोटा फेसबुक पर सीधा प्रसारण कर रहे थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुख्यमंत्री मान ने हत्या के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का संकल्प जताया है जबकि विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा