(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 16 अक्टूबर (भाषा) भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता रीमा नानावटी को शांति और सुरक्षा के लिए काम करने वाले नेताओं के सम्मान में दिए जाने वाले हिलेरी रोधम क्लिंटन पुरस्कार से बृहस्पतिवार को सम्मानित किया गया।
भारत के स्व-नियोजित महिला संघ (सेल्फ एम्प्लॉइड वूमेन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया .... सेवा) की निदेशक नानावटी को अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ‘जॉर्जटाउन इंस्टीट्यूट फॉर विमेन, पीस एंड सिक्योरिटी’ में यह पुरस्कार प्रदान किया।
नानावटी के नेतृत्व में ‘सेवा’ भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का सबसे बड़ा संघ बन गया है।
वह ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, कचरा पुनर्चक्रण और कपड़ा उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों और उनके नेतृत्व वाली आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण के जरिये महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
नानावटी ने भूकंप से प्रभावित ग्रामीण महिलाओं के जीवन और आजीविका को फिर से पटरी पर लाने के साथ-साथ संकटग्रस्त अफगानिस्तान और श्रीलंका में पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण प्रयासों का नेतृत्व किया।
उन्होंने ‘सेवा’ की खाद्य सुरक्षा योजना भी शुरू की, जिससे 10 लाख परिवारों को लाभ मिलता है। इसके अलावा, वह महिलाओं को नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए ‘हरियाली’ हरित ऊर्जा एवं आजीविका पहल का नेतृत्व कर रही हैं।
भारत सरकार ने 2013 में नानावटी को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया था।
वर्ष 2026 के हिलेरी रोधम क्लिंटन पुरस्कार के अन्य विजेताओं में फैशन डिजाइनर और टोरी बर्च फाउंडेशन की संस्थापक टोरी बर्च तथा नोबेल पुरस्कार विजेता, ग्रामीण बैंक के संस्थापक और बांग्लादेश सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस शामिल हैं।
हिलेरी रोधम क्लिंटन और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय का इंस्टीट्यूट फॉर विमेन, पीस एंड सिक्योरिटी (जीआईडब्ल्यूपीएस) महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने और सभी के लिए अधिक शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित दुनिया बनाने में असाधारण नेतृत्व के लिए यह पुरस्कार प्रदान करते हैं।
भाषा मनीषा वैभव
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