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प्रेस परिषद ने विरोध-प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए दिशानिर्देश जारी किए

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने विरोध-प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों से कहा है कि वे रिपोर्टिंग करते समय निष्पक्ष और तटस्थ रहें, अपना प्रेस पहचान पत्र स्पष्ट रूप से दिखाएं और पुलिस के कानूनी निर्देशों का पालन करें।

परिषद की 14 अक्टूबर को हुई बैठक में अपनाए गए दिशानिर्देश में पत्रकारों से कहा गया है कि वे प्रदर्शनों में हिस्सा लेने, किसी एक पक्ष का साथ देने या टकराव भड़काने से बचें; साथ ही, उन्हें हिंसक झड़पों से दूरी बनाए रखने और संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ये दिशानिर्देश उस पृष्ठभूमि में आए हैं, जब राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों को कवर कर रहे कई पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था।

प्रेस संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। उनका आरोप है कि पत्रकारों के पास प्रेस पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया, और कुछ पत्रकारों के फोन तथा रिपोर्टिंग के उपकरण भी जब्त कर लिये गए।

परिषद ने कहा, ‘‘मौजूदा हालात को देखते हुए और विरोध-प्रदर्शनों की व्यवस्थित एवं प्रभावी कवरेज सुनिश्चित करने की जरूरत है...।”

उसने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, जिम्मेदारीपूर्ण रिपोर्टिंग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने के लिए ये दिशानिर्देश अपनाए गए हैं।

इन दिशानिर्देशों के तहत, पत्रकारों को सलाह दी गई है कि वे अपने मीडिया संस्थानों द्वारा जारी पहचान पत्र या पीआईबी/डीआईपी, (जो भी लागू हो) से मान्यता वाला पहचान पत्र अपने पास रखें, और प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान इन्हें इस तरह प्रदर्शित करें कि ये आसानी से दिख जाएं।

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सम्मानजनक व्यवहार करें, पुलिस के आदेशों का पालन करें, तनावपूर्ण स्थितियों में बहस करने से बचें और कानूनी निर्देशों का अनुपालन करें। पत्रकारों को यह भी सलाह दी गई है कि जरूरत पड़ने पर वे “शांतिपूर्वक अपने पत्रकार होने की पहचान बताएं।”

परिषद ने पत्रकारों को सलाह दी है कि वे भीड़ के व्यवहार में आने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहें और पहले से ही बाहर निकलने के रास्ते की पहचान कर लें।

इसमें यह भी सलाह दी गई है कि खतरे के आकलन के आधार पर, अपने साथ ऐसी इमरजेंसी किट रखें जिसमें फर्स्ट-एड का सामान, पीने का पानी, हल्काफुल्का नाश्ता, टॉर्च, सुरक्षात्मक चश्मा, सिर की सुरक्षा के लिए हेलमेट और शरीर की सुरक्षा के लिए कवच (बॉडी आर्मर) शामिल हों।

मीडिया संगठनों को सलाह दी गई है कि वे असाइनमेंट पर गए पत्रकारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें, और उनकी लोकेशन पर नजर रखने तथा आपातकालीन स्थितियों में जरूरी कदम उठाने के लिए कर्मचारियों को नियुक्त करें।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश