प्रयागराज, 15 अक्टूबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यहां के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में बाल चिकित्सालय का निर्माण सात साल बाद भी पूरा नहीं होने को गंभीरता से लिया है।
अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित ठेका कंपनी को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया और साथ ही यह निर्देश भी दिया कि ठेका कंपनी को काली सूची में डालने का आदेश 15 दिनों के लिए निलंबित रखा जाए।
अदालत ने यह आदेश तब पारित किया जब ठेकेदार ने शपथपत्र दिया कि वह 15 दिनों के भीतर शेष कार्य पूरा करेगा, लेकिन समस्या यह है कि उसकी कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है जिससे कार्य आगे नहीं बढ़ सका है।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सात साल बीतने के बाद भी एसआरएन के बाल चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।”
इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई की तिथि 29 अक्टूबर तय करते हुए अदालत ने बुधवार को निर्देश दिया कि यूपीसिडको के प्रबंध निदेशक और ठेकेदार रोहित अवस्थी अगली तिथि पर अदालत में मौजूद रहेंगे और हलफनामा दाखिल करेंगे।
अदालत ने उस समय गंभीर रुख अपनाया जब प्रबंध निदेशक और ठेकेदार निर्माण कार्य पूरा करने में विलंब को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
भाषा सं राजेंद्र सुरभि
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