(फाइल फोटो के साथ)
लखनऊ, 15 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने बृहस्पतिवार को राज्य में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत डिजिटल हाजिरी में हेरफेर और कथित क्लोन ऐप के जरिए फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के मामले सामने आने का दावा करते हुए इनकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मिश्रा ने यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि अयोध्या सहित कई जिलों में बारिश और जलभराव के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की गयी, जबकि संबंधित कार्यस्थलों पर वास्तविक काम और मजदूरों की मौजूदगी का सत्यापन किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन रोकने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) शुरू की थी, मगर भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदल दिया और अब इसमें भी अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि अयोध्या, संभल, रामपुर, हरदोई, गाजीपुर, देवरिया और महराजगंज समेत कई जिलों में संदिग्ध हाजिरी दर्ज होने की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि चंदौली, गाजियाबाद और बहराइच में सरकारी ऐप से मिलता-जुलता कथित क्लोन ऐप इस्तेमाल कर पहले से सुरक्षित तस्वीरों के आधार पर सामूहिक हाजिरी दर्ज करने के आरोप भी लगे हैं।
मिश्रा के अनुसार, अयोध्या में 25 से 27 सितंबर तक 1,124 मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने और लगभग 3.37 लाख रुपये की मजदूरी से संबंधित मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि संभल में इसी दौरान 5,587 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के मामले में करीब 16 लाख रुपये के कथित फर्जीवाड़े का आरोप है।
उन्होंने अन्य जिलों में भी दर्ज हाजिरी, वास्तविक काम और भुगतान का मिलान कराने की मांग की।
मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आठ जुलाई 2025 को ही राज्यों को डिजिटल हाजिरी में हेरफेर और मोबाइल निगरानी ऐप के दुरुपयोग को लेकर आगाह किया था तथा संदिग्ध मामलों के सत्यापन, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या उसने केंद्र की चेतावनी के बाद निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई रिपोर्ट भेजी थी और संदिग्ध ‘मस्टर रोल’ की कितनी जांच कराई गई।
उन्होंने मांग की कि सभी संबंधित जिलों में दर्ज हाजिरी का तस्वीरों, ‘मस्टर रोल’, वास्तविक कार्यस्थलों और मजदूरी भुगतान से मिलान किया जाए तथा पूरे प्रदेश में व्यापक जांच कराई जाए और गड़बड़ी प्रमाणित होने पर धन की वसूली एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार को ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों और सरकारी धन के इस्तेमाल के संबंध में जवाब देना चाहिए।
भाषा सलीम
राजकुमार
राजकुमार