Breaking News

पंजाब में आज से 3 लाख सरकारी कर्मचारी 'हड़ताल' पर, दफ्तरों से बस सेवाओं तक पड़ेगा असर     |   एशियाई पैरा खेलों में प्रवीण कुमार ने जीता गोल्ड, बंटी ने जीता सिल्वर     |   ओम प्रकाश राजभर ने 29 नवंबर को आजमगढ़ में विशाल रैली का किया ऐलान     |   एशियाई पैरा खेलों में आयुष वर्मा ने शॉट पुट F53 इवेंट में जीता गोल्ड     |   सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ीं, दूसरा केस भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर     |  

अप्रैल, 2030 से छोटे ढुलाई वाहनों के लिए बीएस-7 मानक लागू करने का प्रस्ताव

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) सरकार ने माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले मोटर वाहनों के लिए एक अप्रैल, 2030 से भारत चरण-7 (बीएस-7) उत्सर्जन मानक लागू करने का प्रस्ताव रखा है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मसौदा अधिसूचना के मुताबिक, प्रस्तावित नियम एन-1 श्रेणी के उन वाहनों पर लागू होंगे, जिनका सकल वाहन भार 3.5 टन से अधिक नहीं है और जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए होता है।

मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार करने से पहले 30 दिन के भीतर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

प्रस्ताव के तहत बीएस-7 मानक तीन चरणों में लागू किए जाएंगे। इनके अतिरिक्त प्रावधान अप्रैल, 2032 और अप्रैल, 2035 से प्रभावी होंगे।

प्रस्तावित मानकों में नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और सूक्ष्म कणों सहित हानिकारक प्रदूषकों के उत्सर्जन की सीमा और सख्त की जाएगी। हालांकि, इनका मौजूदा वाहनों या उनके बचे हुए उपयोगी जीवन पर असर नहीं पड़ेगा। इसमें बीएस-6 मानकों के अनुरूप वाहन भी शामिल हैं।

भारत में फिलहाल बीएस-6 उत्सर्जन मानक लागू हैं। इन्हें अप्रैल, 2020 में देशभर में लागू किया गया था, जिसके बाद वाहनों से होने वाले प्रदूषण संबंधी नियम सख्त हुए थे।

भारत चरण (बीएस) मानक वाहनों से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और सूक्ष्म कणों जैसे प्रदूषकों की सीमा निर्धारित करते हैं। ये मानक यूरोपीय उत्सर्जन नियमों के अनुरूप हैं और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे हटाने के उद्देश्य से लागू किए जाते हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय