नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) भारत के लंबी कूद के स्टार एथलीट मुरली श्रीशंकर के दाएं टखने में लिगामेंट की चोट के बाद मामूली सर्जरी की गई है। यह चोट उन्हें पिछले महीने जापान में हुए एशियाई खेलों के दौरान लगी थी।
अब उनका लक्ष्य अगले सत्र में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी करना है।
श्रीशंकर ने 2024 में बाएं घुटने की सर्जरी भी कराई थी जिसके कारण वह पेरिस ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके थे। उन्होंने 28 सितंबर को आइची-नागोया एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था।
बारिश से भीगे रनवे पर प्रतिस्पर्धा करते हुए श्रीशंकर अपने चौथे प्रयास के दौरान ‘टेक-ऑफ’ बोर्ड पर फिसल गए और उनका दायां टखना मुड़ गया। इसके कारण वह अंतिम दो प्रयास नहीं कर सके। हालांकि दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर की छलांग उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए काफी रही।
श्रीशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मैं इस सब से गुजरना नहीं चाहता था, लेकिन इस बार भी मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। मैंने कल (13 अक्टूबर) लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डीहूघे की देखरेख में टखने की मामूली सर्जरी कराई। ’’
श्रीशंकर की चोट के एक दिन बाद उनके पिता और कोच एस. मुरली ने पीटीआई को बताया था कि चोट आराम और ‘रिहैबिलिटेशन’ से ठीक हो सकती है। हालांकि सलाह और जांच के बाद सर्जरी कराने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि 2027 के सत्र के लिए टखने को स्थिर और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सर्जरी जरूरी थी।
श्रीशंकर ने लिखा, ‘‘एशियाई खेलों में ‘टेक-ऑफ’ बोर्ड पर फिसलने के कारण मेरे लिगामेंट में चोट लग गई थी। सलाह और जांच के बाद यह तय किया गया कि टखने को स्थिर बनाने और आगामी सत्र के लिए तैयार करने के लिए सर्जरी जरूरी है। इसमें 2027 में बीजिंग में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 शामिल हैं। ’’
सत्ताईस वर्षीय श्रीशंकर अप्रैल 2024 में सर्जरी के बाद लंबे समय तक खेल से दूर रहने के पश्चात 2025 में प्रतिस्पर्धा में लौटे थे। उन्होंने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था।
उन्होंने कहा, ‘‘आपमें से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि इस खिलाड़ी को बार-बार चोट क्यों लगती रहती है। सच कहूं तो मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसका दोष गीले ‘टेक-ऑफ’ बोर्ड या अपनी किस्मत को दे सकता हूं, लेकिन उससे कोई मदद नहीं मिलेगी। जो हुआ है, मैं उसे स्वीकार करना और खुद का सर्वश्रेष्ठ रूप बनने के लिए मेहनत करते रहना पसंद करूंगा। ’’
उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और अन्य संबंधित संस्थाओं का आभार जताया जिन्होंने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों से उपचार दिलाने में मदद की।
श्रीशंकर ने अंत में लिखा, ‘‘और हां, एक बार फिर वापसी का सफर शुरू! अब बड़े पदकों के एक और दौर को हासिल करने के लिए ‘कमबैक 2.0’! ’’
भाषा नमिता
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