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मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर चेन्नई में ‘इंडिया’ गठबंधन का प्रदर्शन, पहली बार टीवीके भी हुई शामिल

चेन्नई, 15 अक्टूबर (भाषा) तमिलनाडु में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर के विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को चेन्नई में प्रदर्शन किया। राज्य में सत्तारूढ़ टीवीके पहली बार विपक्षी गठबंधन के साथ इस प्रदर्शन में शामिल हुई।

प्रदर्शन में टीवीके की भागीदारी ‘इंडिया’ गठबंधन में पार्टी के शामिल होने के कुछ दिन बाद हुई। गठबंधन के घटक दलों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में पहुंचे। नेताओं ने बारी-बारी से लोगों को संबोधित करते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आलोचना की।

हालांकि, इस प्रदर्शन के दौरान विपक्षी गठबंधन के भीतर मतभेद भी सामने आए। वीसीके दल के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने दावा किया कि अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में द्रमुक की हार वास्तविक जनादेश का परिणाम नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से कराई गई ‘कृत्रिम हार’ थी।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब टीवीके ने एक दिन पहले द्रमुक पर मतदाता सूची से 74 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया था। टीवीके ने दावा किया था कि यदि ऐसा नहीं हुआ होता, तो अप्रैल के विधानसभा चुनाव में उसे 108 के बजाय 160 से अधिक सीटें मिलतीं।

कांग्रेस पहले ही कह चुकी है कि जनता द्रमुक के इस दावे को स्वीकार नहीं करेगी कि एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जाने के कारण उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस और वीसीके, विधानसभा चुनाव से पहले द्रमुक के सहयोगी दल थे। मई में दोनों दल टीवीके सरकार में शामिल हुए और बाद में सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ पार्टी नीत गठबंधन का हिस्सा बन गए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए टीवीके नेता और स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही एसआईआर का विरोध करती रही है। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और बी. आर. आंबेडकर द्वारा स्थापित समानता के सिद्धांतों के लिए हानिकारक बताया।

राजमोहन ने कहा कि टीवीके ने एसआईआर लागू किए जाने के खिलाफ कानूनी कदम भी उठाए हैं। इनमें बिहार जैसे राज्यों में इसके क्रियान्वयन को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख करना शामिल है।

दूसरी ओर, थिरुमावलवन ने द्रमुक का बचाव करते हुये आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 97 लाख से अधिक वोटों की ‘चोरी’ हुई, जिसमें मुख्य रूप से अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति समुदायों को निशाना बनाया गया।

उन्होंने दावा किया कि इसके कारण पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा और उनकी पार्टी भी चुनाव हार गई।

स्टालिन ने 2011 से लगातार तीन बार कोलाथुर सीट पर जीत दर्ज की थी।

लोकसभा सदस्य थिरुमावलवन ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम योजनाबद्ध तरीके से हटाने और चुनावी हेरफेर के जरिए द्रमुक को हराया गया।

उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सत्तारूढ़ दल के खिलाफ नतीजे सुनिश्चित करने के लिए कुछ लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था।

तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष बी. माणिकम टैगोर ने मंच पर दिखे मतभेदों के बीच कहा कि केंद्र सरकार को एसआईआर को वापस लेने के लिए मजबूर करने के वास्ते विपक्षी दलों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।

विरुधुनगर से लोकसभा सदस्य टैगोर ने प्रदर्शन स्थल पर कहा, ‘‘एसआईआर को वापस कराकर हमें लोकतंत्र की रक्षा करनी है। यह तभी संभव होगा, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा देंगे।’’

उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि टीवीके के हालिया समर्थन से उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को मजबूती मिली है।

टैगोर ने कहा कि गठबंधन ‘नफरत की राजनीति’ के खिलाफ लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार ‘तानाशाहीपूर्ण तरीके’ से काम कर रही है।

उन्होंने स्वीकार किया कि गठबंधन में 140 साल पुराने इतिहास वाली पार्टियों से लेकर महज तीन साल पुरानी पार्टियां तक शामिल हैं, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा का साझा लक्ष्य सभी को एकजुट करता है।

टैगोर ने कहा कि गठबंधन के नेता फिलहाल उच्चतम न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है। इसके साथ ही वे जमीनी स्तर पर अपना राजनीतिक संघर्ष भी जारी रखे हुए हैं।

एमडीएमके प्रमुख वाइको ने देशभर में मतदाता सूचियों से लगभग 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की निंदा करते हुए इसे ‘‘लोकतंत्र को ध्वस्त करने’’ वाला और विशेष गहन पुनरीक्षण की आड़ में ‘‘दुर्भावनापूर्ण’’ कार्रवाई करार दिया।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार के ‘‘एजेंट’’ के रूप में काम कर रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने में विफल रहे हैं।

एसआईआर के मुद्दे पर हुए इस अहम प्रदर्शन के साथ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने गठबंधन के हिस्से के रूप में पहली बार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इससे स्थानीय स्तर पर गठबंधन की मौजूदगी को मजबूती मिली।

प्रदर्शन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव पी. षणमुगम और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन सहित अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

भाषा रंजन अविनाश

अविनाश