अमरावती, 15 अक्टूबर (भाषा) युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) नेताओं की गिरफ्तारी से कोई समाधान नहीं निकलेगा।
उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच 'चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बहाल' करने की मांग की।
कॉजपा नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने के मुचलके) का उल्लंघन किया और जंतर-मंतर पहुंच गए। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन की जगह के रूप में अधिसूचित सूची से हटा दिया गया है।
रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बहाल किया जाना चाहिए। सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी से कोई समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि इससे स्थिति और बिगड़ेगी।'
दास और रांका के प्रति सहानुभूति जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'प्रतिक्रिया देने के बजाय सक्रिय रुख अपनाने से हमेशा बेहतर नतीजे मिलते हैं। व्यवस्था में एक खामी है, जिसे दूर किए जाने की जरूरत है।'
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ हुए आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में वाईएसआरसीपी को तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा), जन सेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी विधानसभा की केवल 11 और लोकसभा की चार सीट ही जीत सकी थी।
इसके बाद रेड्डी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर ‘संदेह’ जताया था और मतपत्रों के जरिए मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी।
इस बीच, आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पी. वी. एन. माधव ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ और लोकतंत्र की रक्षा के लिए नारे लगाने वाली कॉजपा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामलों का सामना कर रहे जगन के साथ हाथ मिला रही है जिससे उसका 'असली एजेंडा' स्पष्ट हो गया है।
माधव ने पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय राज्य में धार्मिक नफरत के कारण मंदिरों को तोड़ा गया, एक रथ जलाया गया, मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया और मंदिरों की संपत्तियों पर कब्जा किया गया।
भाषा
शुभम अविनाश
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