नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय पाने के लिए इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने वाले लड़की के माता-पिता से कांग्रेस नेताओं की मुलाकात के बाद बृहस्पतिवार को चार दलित संगठनों ने कांग्रेस पर ‘‘राजनीतिक अवसरवाद और चुनिंदा सामाजिक न्याय’’ का आरोप लगाया।
संगठनों ने सवाल किया कि क्या सामाजिक न्याय कांग्रेस के लिए एक सतत सिद्धांत है या फिर राजनीतिक हित साधने का एक साधन है।
कांग्रेस नेतृत्व को संबोधित अलग-अलग खुले पत्रों में सेल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कर्मचारी महासंघ, एनबीसीसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ, डॉ. बी. आर. आंबेडकर वॉलीबॉल क्लब और एससी हक्कुला पोराटा संगम ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों को कभी राजनीतिक सुविधा का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।
संगठनों ने पत्रों में कहा, ‘‘अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस पार्टी के हस्तक्षेप से संवैधानिक नैतिकता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और उसकी राजनीति में निरंतरता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।’’
पत्र में कहा गया, ‘‘इंडिया गेट पर हुए विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, ये बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि क्या सामाजिक न्याय कांग्रेस के लिए एक सतत सिद्धांत है या फिर इसका इस्तेमाल केवल तभी किया जाता है, जब इससे राजनीतिक हितों को साधने में मदद मिलती है?’’
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को इंडिया गेट पर भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की और उनकी बेटी को न्याय दिलाने की मांग की।
उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में काम करने वाली भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी।
भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता के परिवार की ओर से बार-बार इस मामले में कथित रूप से जुड़े ‘‘वीआईपी’’ के तौर पर उठाया जाता रहा है। गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
भाषा शफीक नरेश
नरेश