चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (भाषा) पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की एक मेडिकल स्टोर के मालिक द्वारा हत्या के दो दिन बाद शहर के सिटी-2 थाने की प्रभारी बेअंत कौर को बृहस्पतिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसके साथ ही, इस मामले में आरोपी की पत्नी समेत दो और लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वैभव चौधरी ने थाना प्रभारी बेअंत कौर के निलंबन का आदेश जारी किया। झोटा के परिजन बेअंत कौर समेत कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना है कि वे झोटा का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जिस मेडिकल स्टोर पर झोटा को गोली मारी गई थी, उसका 'फार्मेसी लाइसेंस' आरोपी अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम रानी के नाम पर था।
एसएसपी ने कहा, 'नीलम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हम इस मामले में निष्पक्ष जांच करेंगे।'
पुलिस ने भारतीय न्याय संहित (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
यह मामला झोटा के पिता भीम सिंह, जो एक पूर्व सैनिक हैं, की शिकायत पर सिटी-2 पुलिस थाने में दर्ज किया गया था।
झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाने और दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का विरोध करते थे। उनकी मंगलवार को मानसा बाजार में एक मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सवाल किया था जिसके बाद उसने झोटा पर गोली चला दी। यह घटना उस समय हुई, जब झोटा फेसबुक पर सीधा प्रसारण कर रहे थे।
अश्वनी को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।
झोटा की हत्या के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हत्या में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का संकल्प जताया। वहीं, विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘‘जंगलराज’’ है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
झोटा के पिता एवं पूर्व सैन्यकर्मी भीम सिंह ने बृहस्पतिवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। इस आह्वान पर पंजाब में कई सड़कें और बाज़ार सुनसान नजर आए, वहीं कई ज़िलों में दुकानें और निजी स्कूल बंद रहे।
कांग्रेस, अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), अकाली दल वारिस पंजाब दे, संयुक्त किसान मोर्चा और राज्य सरकार के कर्मचारी संगठनों ने बंद का समर्थन किया।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश