नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस सरकार ने जवाबदेही से पूरी तरह किनारा कर लिया है और विरोध की आवाजों को दबाने के लिए हिरासत का सहारा ले रही है।
उत्तराखंड में 2022 में हुई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में न्याय की मांग कर रहे उसके माता-पिता ने बुधवार देर रात इंडिया गेट के पास प्रदर्शन किया था। उन्हें बृहस्पतिवार तड़के हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
अंकिता के माता-पिता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रहे दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति रोकी जानी चाहिए। गौतम अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
थरूर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि क्या सरकार ने जवाबदेही के अपने दायित्व को इस हद तक छोड़ दिया है कि अब वह सवाल उठाने वालों को ‘‘चुप कराने’’ के लिए हिरासत का सहारा ले रही है।
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी कोई अपराधी नहीं हैं और शोकाकुल माता-पिता कोई खतरा नहीं हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी सार्वजनिक व्यवस्था के लिए क्या खतरा पैदा करते हैं?’’
उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों को केवल तब विरोध करने का अधिकार नहीं देता जब उनके सवाल सत्ता में बैठे लोगों के लिए सुविधाजनक हों।
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