Breaking News

पंजाब में आज से 3 लाख सरकारी कर्मचारी 'हड़ताल' पर, दफ्तरों से बस सेवाओं तक पड़ेगा असर     |   एशियाई पैरा खेलों में प्रवीण कुमार ने जीता गोल्ड, बंटी ने जीता सिल्वर     |   ओम प्रकाश राजभर ने 29 नवंबर को आजमगढ़ में विशाल रैली का किया ऐलान     |   एशियाई पैरा खेलों में आयुष वर्मा ने शॉट पुट F53 इवेंट में जीता गोल्ड     |   सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ीं, दूसरा केस भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर     |  

मानसून के वापस लौटने के दौरान पहाड़ों की चोटियां बर्फ से ढकीं, मैदानी इलाकों में भारी बारिश

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) उत्तर भारत के ऊंचाई वाले इलाकों में बृहस्पतिवार को ताजा बर्फबारी से कई सड़कें बंद हो गईं जबकि राष्ट्रीय राजधानी सहित मैदानी इलाकों में भारी बारिश हुई और आसमान में घने बादल छाए रहे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय रहा। विभाग ने पूरे देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून के विदा होने की घोषणा की।

उत्तर-पूर्वी मानसून को लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है।

जम्मू कश्मीर में घाटी को जम्मू क्षेत्र से जोड़ने वाला वैकल्पिक रास्ता मुगल मार्ग सहित कुछ मुख्य सड़कें बंद कर दी गई हैं। अधिकारियों ने सड़क साफ करने के लिए कर्मियों और मशीनों को काम पर लगाया है।

अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बर्फ की चादर और मोटी होने के कारण सड़कों पर फिसलन की स्थिति बनने से यात्रा का जोखिम बढ़ गया है। इसके मद्देनजर रोहतांग दर्रे से सरचू, दारचा से शिंकु ला, और ग्रामफू से बाटल के साथ-साथ सच दर्रा भी बंद कर दिया गया है।

वहीं, जम्मू में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।

दिल्ली में दिनभर मौसम बेहद खराब रहा, जहां आसमान में घंटों घने बादल छाए रहे। राजधानी में पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होने और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहा जबकि कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई।

जलभराव के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात भी बाधित हुआ।

मौसम विशेषज्ञों ने इस बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण को बताया है। उन्होंने इस बारिश को मानसून के बाद का सामान्य मौसम करार दिया।

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर के मैदानी इलाकों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे अधिक 59.6 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा हुई।

इसके बाद पुंछ में 39.5 मिमी, सांबा में 34 मिमी, शोपियां में 34 मिमी, बारामूला में 29 मिमी और कटरा में 23.1 मिमी बारिश हुई।

अधिकारियों के मुताबिक, श्रीनगर (12 मिमी) सहित पूरी घाटी में बारिश हुई, जबकि क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे।

मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इसके साथ ही दिन के दौरान ऊंचे इलाकों में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि और हल्की बर्फबारी की चेतावनी भी जारी की गई है।

मौसम कार्यालय ने 16 अक्टूबर को जम्मू क्षेत्र में आमतौर पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है, हालांकि इस दौरान छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों और राजधानी देहरादून में सुबह आसमान में बादल छाए रहे और छिटपुट बारिश हुई, जबकि आईएमडी ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है।

अधिकारियों ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति के शिंकु ला, बारालाचा ला, कुंजुम ला, कोकसर, जिस्पा, केलांग और गोंदला, चंबा के सुरल और सच दर्रे तथा कांगड़ा जिले की धौलाधार पर्वत श्रृंखला में बर्फबारी हुई।

रिपोर्टों के अनुसार, पांगी घाटी के सुरल में तीन इंच तक बर्फबारी हुई जबकि सच दर्रे पर करीब एक फुट बर्फ गिरी।

हिमपात के बाद लाहौल और स्पीति के गोंदला के पास फंसे करीब 100 वाहनों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला।

ताजा बर्फबारी से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में खुशी है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।

मौसम में बदलाव के कारण मनाली और धर्मशाला में तापमान में भी काफी गिरावट आई है। बढ़ती ठंड के चलते स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए और अलाव जलाने शुरू कर दिए हैं।

आईएमडी ने बताया कि दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरलम में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय रहा।

आईएमडी ने अपने दैनिक पूर्वानुमान में बताया कि उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन के साथ 21 अक्टूबर तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

भाषा प्रचेता अविनाश

अविनाश