नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने धर्मांतरण करने वालों को पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ देने के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘‘ऐतिहासिक’’ बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह फैसला कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है’’।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछड़े वर्गों से संबंधित हिंदू, इस्लाम अपनाने के बाद उस वर्ग के तहत आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता।
अदालत ने कहा कि पिछली सामाजिक व्यवस्था में झेले गए पिछड़ेपन को आगे नहीं ले जाया जा सकता।
न्यायालय ने यह भी कहा कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता।
यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘ऐतिहासिक’ बताया और कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला आने के बाद ‘कांग्रेस जिन्ना पार्टी’ की तुष्टीकरण की राजनीति को बड़ा झटका लगा है।’’
भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से इस्लाम धर्म मानने वाले लोगों को आरक्षण देने की वकालत करती रही है।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के लिए भी ‘‘बड़ा झटका’’ है, क्योंकि दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सत्ता में रहने के दौरान ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ की है।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका खारिज कर दी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि इस्लाम अपनाने वाला व्यक्ति केवल धर्मांतरण के आधार पर पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकता।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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