Breaking News

पंजाब में आज से 3 लाख सरकारी कर्मचारी 'हड़ताल' पर, दफ्तरों से बस सेवाओं तक पड़ेगा असर     |   एशियाई पैरा खेलों में प्रवीण कुमार ने जीता गोल्ड, बंटी ने जीता सिल्वर     |   ओम प्रकाश राजभर ने 29 नवंबर को आजमगढ़ में विशाल रैली का किया ऐलान     |   एशियाई पैरा खेलों में आयुष वर्मा ने शॉट पुट F53 इवेंट में जीता गोल्ड     |   सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ीं, दूसरा केस भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर     |  

इथियोपिया में अपहरण के बाद बचाए गए अपने चार नागरिकों को वापस लाने में जुटा भारत

जोहानिसबर्ग, 15 अक्टूबर (भाषा) भारत इथियोपिया में पिछले महीने अगवा किए गए और कुछ दिन बाद स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा बचाए गए चार भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहा है। अदीस अबाबा स्थित भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब के चार भारतीय नागरिकों का 25 सितंबर, 2026 की रात इथियोपिया में अपहरण कर लिया गया था। इथियोपिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक अक्टूबर, 2026 को उन्हें बचा लिया। चारों सुरक्षित हैं।’’

दूतावास ने कहा कि उसने उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।

दूतावास ने कहा, ‘‘राजनयिक पहुंच की अनुमति मिलने के बाद दूतावास के अधिकारियों ने 14 अक्टूबर, 2026 को इन नागरिकों से मुलाकात की और उन्हें भारतीय भोजन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं सहित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।’’

दूतावास ने कहा कि वह चारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास कर रहा है।

अपहरण की परिस्थितियों, चारों भारतीय नागरिकों की पहचान और उनके ठिकाने के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी।

यह घटनाक्रम गुजरात के उन तीन लोगों की रिहाई के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिनका अमेरिका पहुंचने के लिए अवैध रास्ते का इस्तेमाल करने की कोशिश के दौरान इथियोपिया में अपहरण कर लिया गया था। गुजरात पुलिस द्वारा बातचीत किए जाने के बाद तीनों को सुरक्षित रिहा कर दिया था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों 20 सितंबर को अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। बाद में उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि तीनों को इथियोपिया में बंधक बनाकर रखा गया था और अपहरणकर्ताओं ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। बचाए गए ये तीनों लोग एक अक्टूबर को भारत पहुंच गए थे।

भाषा संतोष अविनाश

अविनाश

अविनाश

अविनाश