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जनसांख्यिकी संबंधी समिति के पीछे एक दुर्भावनापूर्ण मंशा: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने जनसांख्यिकी संबंधी उच्च स्तरीय समिति द्वारा एक पोर्टल के जरिये लोगों तथा राज्य एवं केंद्र सरकार के विभागों से जनसांख्यिकी में अस्वाभाविक बदलावों के बारे में जानकारी मांगे जाने को लेकर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि समिति को गठित करने के पीछे एक ‘‘दुर्भावनापूर्ण मंशा’’ है।

जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने बुधवार को एक पोर्टल शुरू किया, जिसके माध्यम से लोगों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के विभागों से ‘अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव’ के बारे में जानकारी मांगी गई है।

सरकार के एक बयान के मुताबिक, इस जानकारी का इस्तेमाल देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने के लिए एक व्यवस्था विकसित करने में किया जाएगा।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘निश्चित रूप से एक और फॉर्म-7 घोटाले की तैयारी है। आरएसएस का तंत्र निस्संदेह तथाकथित ‘जनता’ की प्रतिक्रियाओं को सुनियोजित करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘और ‘अंतरराष्ट्रीय संगठनों’ का वह संदर्भ बहुत संदिग्ध है। इस पूरी समिति के पीछे एक दुर्भावनापूर्ण मंशा है।’’

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘यह पोर्टल केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेशों की सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों और संस्थानों तथा व्यक्तियों को अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलावों, उनके कारणों और इनके पीछे मौजूद कारकों, असामान्य बसावट के तौर-तरीकों आदि के बारे में सुझाव, आंकड़े और जानकारी देने की सुविधा प्रदान करता है।’’

बयान में कहा गया कि प्राप्त जानकारी से समिति को जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों का विश्लेषण करने और उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।

समिति ने आठ बिंदुओं वाली एक प्रश्नावली भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव से संबंधित जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

भाषा हक पवनेश

पवनेश