(फाइल फोटो के साथ)
प्रयागराज (उप्र), 15 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर अपने शासनकाल में सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य में कोई भी सुरक्षित नहीं था।
आदित्यनाथ ने विधानपरिषद की इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से भाजपा-राजग के उम्मीदवार अशोक राठौर के समर्थन में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मतदाताओं से 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में उन्हें समर्थन देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा शासन में माफिया व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों को धमकाते थे तथा प्रशासन और न्यायपालिका को चुनौती देते थे।
उन्होंने सपा शासन में सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जैसे ही भर्ती का विज्ञापन निकलता था, चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी।’’
आदित्यनाथ की इस टिप्पणी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके परिवार पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा शासन में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा दिए बिना ही नियुक्ति पत्र मिल जाते थे, जबकि योग्य उम्मीदवार निराश होते थे और उन्हें न्याय के लिए अदालतों का रुख करना पड़ता था।
उन्होंने दावा किया कि 2017 से अब तक भाजपा सरकार के दो बार के कार्यकाल में सपा के चार बार के कार्यकाल की तुलना में चार गुना से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक 9.5 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है।
उन्होंने अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य भी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 2017 से पहले लगभग 120 थी, जो अब बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन रहे हैं।
आदित्यनाथ ने युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत ब्याजमुक्त और बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया।
शिक्षकों के कल्याण का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि शिक्षा क्षेत्र के शिक्षकों को 40 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये तक का सामाजिक सुरक्षा कवर और पांच लाख रुपये तक का बेनकदी इलाज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय भी तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया है।
प्रयागराज को आस्था, शिक्षा और न्याय का केंद्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने शहर में बुनियादी ढांचे के विकास और माफिया के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने महाकुंभ को भी उत्तर प्रदेश के विकास का उदाहरण बताया।
आदित्यनाथ ने कहा, ''समाजवादी पार्टी अपने परिवार को प्रदेश मानती थी, जबकि हमारे लिए प्रदेश ही परिवार है। उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोग हमारा परिवार हैं।''
उन्होंने स्नातकों और शिक्षित मतदाताओं से राठौर को चुनने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं से खिलवाड़ करने वालों को मतपत्र के जरिए जवाब दिया जाना चाहिए।
भाषा सलीम राजकुमार
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