लंदन, 15 अक्टूबर (भाषा) बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास और फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास जर्मनी में आग लगने की घटना में मारे गए तीन भारतीय नागरिकों के परिवारों के संपर्क में हैं और उन्हें हर जरूरी सहायता मुहैया करा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने यह जानकारी दी।
दूतावास ने बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं और जो जर्मनी में पढ़ाई कर रहे थे।
बयान के अनुसार, जर्मनी के पश्चिमी राज्य नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया के बोखुम शहर में हुई इस घटना की जांच वहां के अधिकारी कर रहे हैं।
दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य के बोखुम में आग लगने की घटना में तीन भारतीय नागरिकों (दो महिलाओं और एक पुरुष) की दुखद मौत हो गई है। तीनों जर्मनी में पढ़ाई कर रहे थे।’’
दूतावास के अनुसार, ‘‘बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास और फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों तथा शोक संतप्त परिवारों के संपर्क में हैं और हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। घटना की जांच जर्मन अधिकारी कर रहे हैं।’’
दूतावास के अनुसार, ‘‘दुख की इस घड़ी में हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’
दुर्घटना में जान गंवाने वालों के भारत में मौजूद परिजनों ने उनकी पहचान केरलम के शिविन जॉनी, नोवा साबू और शीला जॉय के रूप में की है। उनके परिवार और दक्षिणी राज्य के जनप्रतिनिधियों ने तीनों के पार्थिव शरीर भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
इस बीच, जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के हवाले से जर्मन समाचार चैनल एन-टीवी ने बताया कि इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को हत्या और आगजनी के संदेह में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, एक न्यायाधीश ने उस व्यक्ति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिसने आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। जांचकर्ता घटना के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटे हैं।
आग मंगलवार तड़के बोखुम के होफस्टेड इलाके में स्थित एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में लगी थी।
जर्मन मीडिया की खबरों के अनुसार, दमकलकर्मियों को दूसरी मंजिल के एक अपार्टमेंट में तीनों मृत मिले। धुएं के कारण पांच अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें बोखुम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जर्मनी के सार्वजनिक प्रसारक डब्ल्यूडीआर के अनुसार, जांचकर्ताओं ने आग लगने की वजह तकनीकी खराबी होने की आशंका को खारिज कर दिया है।
भाषा राखी पवनेश
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