नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में पिछले महीने एक दवाई की दुकान पर हुई गोलीबारी की घटना में संलिप्तता के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि यह हमला गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू से जुड़ी पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग को लेकर किया गया था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने 19 सितंबर को 'भावना मेडिकोज' पर गोलीबारी की घटना को अंजाम देने में अलग अलग भूमिकाएं निभाईं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान आशिव राठी उर्फ आशू (24), मंजीत (30), हरि प्रकाश उर्फ काला (42), ज्योति प्रकाश उर्फ ज्योति उर्फ बाबा (35), राहुल (31) और साहिल उर्फ पंटू (28) के रूप में हुई है। वे दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच से कथित तौर पर जर्मनी में रहने वाले नवीन देशवाल और सांगवान से भी इन लोगों के संबंध होने का खुलासा हुआ है। उनकी भूमिकाओं और बातचीत की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी 19 सितंबर को रात करीब साढ़े आठ बजे हुई, जब नजफगढ़ के नया बाजार इलाके में 'भावना मेडिकोज' पर एक मोटरसाइकिल से दो लोग पहुंचे और उनमें से एक ने दुकान में मौजूद संजय कुमार रोहिला पर गोलीबारी कर दी और मौके से भाग गए। हालांकि रोहिला को गोली नहीं लगी।
अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों से पता चला कि पीड़ित और उनके परिवार को संपत्ति के एक सौदे के संबंध में कथित तौर पर धमकियां मिल रही थी और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी।
मामला नजफगढ़ पुलिस थाने में दर्ज किया गया था और बाद में इसकी जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई।
पुलिस ने बताया कि जांच के सिलसिले में सबसे पहले 24 सितंबर को आशिव राठी की गिरफ्तारी हुई और उसने मध्य प्रदेश के खरगोन में एक अज्ञात तस्कर से तीन देसी अर्ध स्वचालित पिस्तौल और 10 कारतूस खरीदे थे और हमले करने के लिए दो पिस्तौल व सात कारतूस आगे किसी को भेज दिए। उसके पास से एक पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि मंजीत को 28 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और उसने पिस्तौल खरीदने के लिए 1.5 लाख रुपये का इंतजाम किया था। साथ ही उसने आशिव को पिस्तौल व कारतूस साहिल तक पहुंचाने में मदद की थी, जिसने गोलीबारी की घटना को अंजाम देने में समन्वय किया।
अधिकारी ने बताया कि 29 सितंबर को हरि प्रकाश उर्फ काला को गिरफ्तार किया गया और उसकी पहचान रोहिला पर गोली चलाने वाले कथित शूटर के रूप में हुई।
उन्होंने बताया कि एक गोली चलने के बाद पिस्तौल कथित तौर पर जाम हो गई जिससे हमलावरों को भागने पर मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने बताया कि गोलीबारी में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस ने कहा कि इसी तरह अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारियां की गईं और मामले में आगे की जांच जारी है।
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