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एस्सार ऑयल एंड गैस को तीन राज्यों में सीबीएम के पांच ब्लॉक मिले

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) एस्सार समूह की कंपनी एस्सार ऑयल एंड गैस लि. को पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में 'कोयला परतों में मौजूद मीथेन गैस' (सीबीएम) के पांच ब्लॉक मिले हैं। कंपनी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

इससे कंपनी के गैस खोज क्षेत्र में करीब 1,281 वर्ग किलोमीटर का विस्तार होगा। इन ब्लॉक में लगभग 6,600 अरब घन फुट गैस संसाधन होने का अनुमान है। कंपनी का लक्ष्य देश में प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है।

कोयले की परतों से मीथेन के उत्पादन से जुड़ी कंपनी एस्सार ऑयल एंड गैस (पूर्व में एस्सार ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लि.) ने बयान में कहा कि सरकार की 2025 और 2026 की विशेष सीबीएम बोली प्रक्रिया के तहत दिए गए इन ब्लॉक के लिए अनुबंधों पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए गए।

इस विस्तार से पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में एस्सार का मौजूदा कारोबार मजबूत होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश के सिंगरौली बेसिन में कंपनी की मौजूदगी बढ़ेगी और तेलंगाना की गोदावरी घाटी में नए सीबीएम क्षेत्रों में उसका प्रवेश होगा।

रानीगंज में करीब 330 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले दो नए ब्लॉक से इस क्षेत्र में कंपनी का कुल क्षेत्रफल लगभग 500 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर करीब 830 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।

कंपनी के मौजूदा उत्पादन क्षेत्र के नजदीक होने से बुनियादी ढांचे और परिचालन में तालमेल का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे एकीकृत सीबीएम उत्पादन क्षेत्र विकसित करने में मदद मिलेगी, जिसके देश का सबसे बड़ा सीबीएम उत्पादक क्षेत्र बनने की उम्मीद है।

एस्सार ऑयल एंड गैस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पंकज कालरा ने कहा, ‘‘सीबीएम के इन पांच ब्लॉक का मिलना कंपनी की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे देश की विशाल गैर-परंपरागत हाइड्रोकार्बन क्षमता का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रानीगंज में सफल अनुभव के आधार पर कंपनी को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, परिचालन क्षमताओं और स्थापित बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर इन संसाधनों का विकास तेजी से करने की काफी संभावनाएं दिखती हैं।’’

कंपनी के अनुसार, उसने रानीगंज में खोज और उत्पादन गतिविधियों पर 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। फिलहाल वह प्रतिदिन करीब 9,50,000 मानक घन मीटर गैस का उत्पादन करती है, जो भारत के कुल सीबीएम उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत है।

कंपनी का लक्ष्य अपने सीबीएम का चरणबद्ध विकास करके और अतिरिक्त घरेलू संसाधनों को उत्पादन में लाकर भारत के कुल प्राकृतिक गैस उत्पादन में पांच प्रतिशत योगदान देना है।

एस्सार ऑयल एंड गैस के चेयरमैन और एस्सार समूह में ऊर्जा कारोबार के परिचालन भागीदार भुवन चंद्र त्रिपाठी ने कहा, ‘‘ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ने के साथ भारत के कुल ऊर्जा स्रोतों में प्राकृतिक गैस की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘समूह घरेलू हाइड्रोकार्बन संसाधनों का जिम्मेदार तरीके से विकास करके भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और देश को अधिक संतुलित एवं टिकाऊ ऊर्जा मिश्रण की ओर बढ़ने में योगदान देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।’’

कंपनी ने कहा कि यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब भारत घरेलू गैस आपूर्ति बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है। देश की प्राकृतिक गैस खपत का करीब आधा हिस्सा फिलहाल आयात से पूरा होता है। ऐसे में घरेलू संसाधनों का विकास ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कोयला-बेड मीथेन कोयले की परतों में फंसी प्राकृतिक गैस होती है। इसे विशेष उत्पादन कुओं के जरिए निकाला जाता है। इसका व्यावसायिक उत्पादन घरेलू गैस आपूर्ति के स्रोतों में विविधता ला सकता है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन जलाशय की विशेषताओं, गैस प्राप्ति की दर, बुनियादी ढांचे और विकास लागत पर निर्भर करता है।

भाषा रमण प्रेम

प्रेम