जयपुर, 15 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर मेडिकल कॉलेजों में ‘इंटर्नशिप’ करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार चारों आरोपियों ने फर्जी प्रमाणपत्र से राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में पंजीकरण करा लिया था।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डीग के भारत भूषण (26) एवं शिवम चौधरी (28) तथा भरतपुर के सौरव शर्मा (29) और हिमांशु शर्मा (26) के रूप में हुई है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि आरोपियों ने किर्गिस्तान, रूस और कजाकिस्तान के विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी, लेकिन वे अनिवार्य एफएमजीई स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर सके थे।
पुलिस के अनुसार, भारत भूषण ने कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र के लिए 30 लाख रुपये दिए थे, जबकि सौरव शर्मा और हिमांशु शर्मा ने 27-27 लाख रुपये तथा शिवम चौधरी ने 30 लाख रुपये दिए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर इन फर्जी दस्तावेज के आधार पर दौसा, धौलपुर, जयपुर और अलवर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘इंटर्नशिप’ हासिल की।
जांचकर्ताओं ने ऐसा दस्तावेज बनाने वाले गिरोह से लाभ लेने वाले 100 से अधिक संदिग्ध लोगों की पहचान की है। आरोप है कि गिरोह की ओर से प्रत्येक फर्जी प्रमाणपत्र 20 लाख से 30 लाख रुपये में उपलब्ध कराया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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