लेह/जम्मू, 15 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लद्दाख में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और सामरिक सड़क संपर्क सहित करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किए जाने के बाद लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना की।
सक्सेना ने कहा कि 2019 में लद्दाख के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पांच नई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लद्दाख के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। इनसे संपर्क व्यवस्था, जल सुरक्षा, बिजली आपूर्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।’’
उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और सहयोग के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि लद्दाख के सातों जिलों के लोग बड़ी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रतीक्षा कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने जिन पांच परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनमें लेह हवाई अड्डे पर आधुनिक यात्री टर्मिनल, जांस्कर घाटी को जोड़ने वाली निमू-पदम-दरचा सड़क, लेह में भारत का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क, नौ मेगावाट की हानू जलविद्युत परियोजना तथा विद्युत पारेषण संबंधी बुनियादी ढांचा और अमृत सरोवर पहल के तहत 35 जलाशय शामिल हैं।
सक्सेना ने कहा कि बंग बोट खरू लघु जलविद्युत परियोजना और 66 केवी की थाहानू-खालस्ती पारेषण लाइन का उद्घाटन भी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के नए टर्मिनल से हवाई संपर्क और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार होगा, खासकर सर्दियों के दौरान इससे सुविधा बढ़ेगी। वहीं, निमू-पदम-दरचा सड़क दूरदराज के क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगी।
सक्सेना ने कहा कि वर्ष 2019 में लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दिया जाना उसकी अलग पहचान और व्यापक मान्यता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला कदम था।
उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष अप्रैल में पांच नए जिलों का गठन और हाल में सभी सात जिलों में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों की स्थापना को मंजूरी देना स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।’’
सक्सेना ने कहा कि लद्दाख में सड़क संपर्क एवं अन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शून्य से नीचे तापमान होने के बावजूद, घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत यहां काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पश्मीना ऊन के पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नई नीतियां भी लागू की जा रही हैं, जबकि कृषि विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर संपर्क व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और कारोबार करने में सुगमता से पर्यटन को बढ़ावा मिला है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
उपराज्यपाल ने कहा कि जोजिला सुरंग का निर्माण पूरा होने से लद्दाख की संपर्क व्यवस्था से जुड़ी बड़ी समस्याओं में से एक का समाधान हो जाएगा। भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में यह क्षेत्र अक्सर देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है।
उन्होंने बताया कि सुरंग का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि लद्दाख के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन और सहयोग आगे भी मिलता रहेगा।
सक्सेना ने लद्दाख प्रशासन और वहां के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाने के बावजूद कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
भाषा रंजन वैभव
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