तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (भाषा) केरलम विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक संकल्प पारित कर केंद्र सरकार से राज्य के उस संशोधित प्रस्ताव को स्वीकार करने का बृहस्पतिवार को अनुरोध किया जिसमें पश्चिमी घाट के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) से 98 राजस्व गांवों में फैले 8,590.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को बाहर रखने की मांग की गई है।
बिजली, पर्यावरण और संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने यह संकल्प पेश किया। इसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि वह राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए पश्चिमी घाट से संबंधित ईएसए की अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले केरलम सरकार द्वारा सौंपे गए संशोधित प्रस्ताव पर विचार करे।
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सदन में कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने इस मुद्दे पर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की पिछली सरकार की तरह ही रुख अपनाया है।
उन्होंने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन की इस दलील के जवाब में यह बात कही कि पिछले 10 वर्षों में वामपंथी सरकार द्वारा इस मुद्दे पर उठाए गए कदमों का प्रस्ताव में उल्लेख नहीं है। विजयन ने इन कदमों को भी प्रस्ताव में शामिल करने का सुझाव दिया था।
जोसेफ ने इस बात का उल्लेख करने पर सहमति जताई कि अंतिम प्रस्ताव लगातार सत्ता में रही सरकारों के प्रयासों का नतीजा था।
उन्होंने कझाकूटम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वी मुरलीधरन के इस सुझाव को भी शामिल करने पर सहमति जताई कि जनहित की रक्षा के लिए केंद्र ने अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की है।
संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग के अलावा, संकल्प में केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया कि ईएसए के नियम इस क्षेत्र की सीमा से बाहर के इलाकों में लागू न हों।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश