नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) 23 और 24 अक्टूबर को लखनऊ में 'साधना शृंखला' की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा। कार्मिक मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया है कि यह दो दिवसीय विचार-मंथन सत्र, मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, योग्यता-संचालित क्षमता निर्माण संस्थानों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श करने के लिए उत्तरी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक मंच पर लाएगा।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘आज के लोक सेवकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे नई तकनीकों, बदलती नागरिक अपेक्षाओं और जटिल विकास प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बिठाकर चलें। इसके लिए प्रशिक्षण संस्थान केंद्रीय भूमिका निभाते हैं और यह कार्यशाला इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगी कि ये संस्थान अधिकारियों की वास्तविक भूमिका संबंधी जरूरतों के प्रति अधिक प्रभावी ढंग से कैसे प्रतिक्रिया दे सकते हैं।’’
बयान के अनुसार, इस कार्यशाला का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में करेंगे।
'साधना शृंखला' (राष्ट्रीय उन्नति के लिए अनुकूल विकास और मानवीय योग्यता को मजबूत करना) चार क्षेत्रीय परामर्शी कार्यशालाओं की एक शृंखला है।
इसकी शुरुआत 29 और 30 सितंबर 2026 को विजयवाड़ा में हुई थी, जिसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की कार्यशाला आयोजित की गई। अब लखनऊ इस संवाद को उत्तरी क्षेत्र तक ले जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड राज्यों के साथ-साथ चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुख और संकाय सदस्य, विषय विशेषज्ञ और उद्योग भागीदार भी इसमें शामिल होंगे।
भाषा वैभव नरेश
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