सियोल, 15 अक्टूबर (एपी) उत्तर कोरिया ने बुधवार को करीब तीन साल में पहली बार पानी के भीतर से दागी जाने वाली मिसाइलों का परीक्षण किया। माना जा रहा है कि ये परीक्षण एक ऐसी पनडुब्बी से किए गए, जिसे अभी तैनात नहीं किया गया है और जिसके बारे में उत्तर कोरिया का कहना है कि इसे परमाणु हथियार दागने के लिए बनाया गया है।
ये अहम परीक्षण ऐसे समय में किए गए हैं, जब उत्तर कोरिया हथियारों का प्रदर्शन बढ़ा रहा है। माना जा रहा है कि वह इसके जरिये अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका अधिक रियायतें देने को तैयार हो।
उत्तर कोरिया की सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बृहस्पतिवार को बताया कि सेना ने देश के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में दो तरह की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया।
एजेंसी के मुताबिक, इन परीक्षणों का उद्देश्य उत्तर कोरिया की पानी के भीतर युद्ध करने वाली प्रणालियों की तैयारी का आकलन करना और उसकी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की विश्वसनीयता प्रदर्शित करना था।
केसीएनए ने यह नहीं बताया कि मिसाइलें किस मंच से दागी गईं। हालांकि, एजेंसी की ओर से जारी तस्वीरों से संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया ने ‘हीरो किम कुन ओक’ पनडुब्बी का इस्तेमाल किया। इस पनडुब्बी का 2023 में बड़े प्रचार के साथ अनावरण किया गया था, लेकिन इसकी घोषित क्षमताओं को लेकर बाहरी विशेषज्ञों ने संदेह जताया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इसकी पुष्टि होती है, तो बुधवार को किए गए मिसाइल परीक्षण इस पनडुब्बी से हथियारों का पहला सार्वजनिक परीक्षण होंगे।
उत्तर कोरिया कई वर्षों से पानी के भीतर से दागी जाने वाली विभिन्न प्रकार की मिसाइलें विकसित कर रहा है। इससे उसके प्रतिद्वंद्वी चिंतित हैं, क्योंकि इस तरह के प्रक्षेपणों का पहले से पता लगाना मुश्किल होगा।
बुधवार के परीक्षणों से पहले उत्तर कोरिया ने पानी के भीतर से सभी मिसाइलें करीब दो हजार टन श्रेणी की एक पनडुब्बी से दागी थीं, जिसमें मिसाइल दागने के लिए एक ही ट्यूब है। कई विशेषज्ञ इसे सक्रिय सेवा में शामिल परिचालन पनडुब्बी के बजाय परीक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाला मंच मानते हैं।
एपी मनीषा रंजन
रंजन