मिर्जापुर, 15 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को विपक्षी समाजवादी पार्टी को ‘विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान’ के रास्ते का व्यवधान करार दिया।
योगी ने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधे से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुन लेने से समाधान के मार्ग में बाधा उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसा ही व्यवधान है।
योगी ने कहा, ‘‘सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बाधा ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके व्यवधान को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।
एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे।
उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी।
मुख्यमंत्री ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को।
दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया।
योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था।
उन्होंने कहा कि नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी, मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी, लेकिन आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था, जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं। प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। गंगा के पक्के घाट बनने से दुर्घटनाओं की समस्या दूर हुई है।
उन्होंने कहा कि पहले विकास की यही धनराशि गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए दुरुपयोग की जाती थी। उन्होंने नवरात्र की पंचमी पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की।
भाषा जफर रंजन
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