पेशावर, 15 अक्टूबर (भाषा)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में बृहस्पतिवार को एक निजी स्कूल की छत गिरने से कम से कम 29 बच्चों और एक शिक्षिका की मौत हो गई तथा 40 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पेशावर के पुलिस प्रमुख मियां सईद ने बताया कि यह घटना शहर के भीतरी इलाके दीर कॉलोनी में हुई।
उन्होंने बताया कि तीन मंजिला स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इमारत की छत का निर्माण ठीक से नहीं किया गया था। सईद के अनुसार, स्कूल का संचालन एक शैक्षणिक न्यास के रूप में किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि स्कूल में कुल 110 बच्चे नामांकित थे और छत गिरने के समय ऊपरी मंजिल की कक्षाओं में 30 विद्यार्थी मौजूद थे।
लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि हादसे में 29 विद्यार्थियों, जिनमें छह लड़कियां शामिल हैं, और एक शिक्षिका की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि घायलों में 20 विद्यार्थियों सहित 40 से अधिक लोग शामिल हैं।
आसिम ने बताया कि घायलों के उपचार के लिए अस्पताल में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हादसे में मारे गए सभी बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम थी।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 28 बच्चों और शिक्षिका के शव अस्पताल लाए गए, जबकि दो शव प्रांतीय राजधानी के नसीरुल्लाह खान बाबर मेमोरियल अस्पताल ले जाए गए।
पेशावर के उपायुक्त अफाक वजीर ने कहा कि मलबे में फंसे सभी लोगों को निकाल लिया गया है। उन्होंने इमारत गिरने की घटना की जांच के आदेश भी दिए।
प्रांतीय शिक्षा सचिव इनायतुल्लाह वसीम ने निजी स्कूल नियामक प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक को शुक्रवार तक घटना पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
शहर के पुलिस प्रमुख के अनुसार, इमारत संकरी गलियों में स्थित थी, जिससे बचाव अभियान में मुश्किलें आईं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी यह जांच करेंगे कि इमारत निर्माण से जुड़े किन नियमों का उल्लंघन किया गया था। लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने के वास्ते घटना की विस्तृत जांच भी की जाएगी।
बचाव दल मलबा हटाने और यह पता लगाने में जुटे थे कि कहीं बच्चे या स्कूल के कर्मचारी अब भी ढही इमारत के नीचे तो नहीं फंसे हैं।
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने पेशावर के मुख्य यातायात अधिकारी को एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए संबंधित अधिकारियों को उन्हें सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने भी छत गिरने की घटना पर दुख जताया और संबंधित अधिकारियों को हादसे के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस दुखद खबर से वह स्तब्ध हैं।
पाकिस्तान में इमारतों और उनकी छतों का गिरना आम है। इसके लिए अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराया जाता है।
जुलाई में सिंध प्रांत के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की बाहरी दीवार का एक हिस्सा गिरने से तीन लड़कियों की मौत हो गई थी। उनकी उम्र तीन से 13 साल के बीच थी और वे मलबे की चपेट में आ गई थीं। इसी महीने लाहौर में निर्माणाधीन निजी स्कूल की इमारत की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी और पांच अन्य लोग घायल हुए थे।
जून में लाहौर में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना से दो महीने से भी कम समय पहले डेरा गाजी खान जिले के एक निजी स्कूल की कक्षा की छत गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे।
भाषा मनीषा
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