नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल एवं दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अपने प्रस्तावित 30,213 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ इतिहास बनाने की तैयारी में है। यह निर्गम 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ते हुए देश का अबतक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा। आईपीओ के लिए सार्वजनिक बोली 21 अक्टूबर को शुरू होगी और 23 अक्टूबर को यह निर्गम बंद हो जाएगा। इसके लिए मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन 10.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। आकार के लिहाज से देश के 10 सबसे बड़े आईपीओ की सूची इस तरह है...
1. जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड.. 30,213 करोड़ रुपये (2026, प्रस्तावित)जियो प्लेटफॉर्म्स प्रस्तावित आईपीओ के साथ इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच जाएगी। दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी का निर्गम पूरा होने पर यह देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।2. हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड.. 27,870 करोड़ रुपये (2024)दक्षिण कोरियाई वाहन कंपनी हुंदै मोटर की भारतीय इकाई ने अक्टूबर, 2024 में आईपीओ के जरिये 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह निर्गम पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित था। 3. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई).. 22,569 करोड़ रुपये (2026) देश के प्रमुख शेयर बाजार एनएसई ने सितंबर, 2026 में अपना आईपीओ पेश किया। यह निर्गम पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित था। इसमें नए शेयर जारी नहीं किए गए।4. भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी).. 21,000 करोड़ रुपये (2022)संपत्ति के लिहाज से देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी मई, 2022 में अपना आईपीओ लेकर आई थी। इसके तहत सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा था। 5. वन97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम).. 18,300 करोड़ रुपये (2021)पेटीएम ब्रांड के तहत डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने नवंबर, 2021 में आईपीओ के जरिये 18,300 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस निर्गम में नए शेयर जारी करने के साथ ओएफएस भी शामिल था।6. टाटा कैपिटल लिमिटेड.. 15,512 करोड़ रुपये (2025)टाटा कैपिटल ने अक्टूबर, 2025 में अपना आईपीओ पेश किया था। इसमें नए शेयर जारी करने के साथ मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने की भी व्यवस्था थी। 7. कोल इंडिया लिमिटेड.. 15,200 करोड़ रुपये (2010)सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया ने अक्टूबर, 2010 में आईपीओ के जरिये करीब 15,200 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह निर्गम सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा था। 8. एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड.. 12,500 करोड़ रुपये (2025)एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज ने जून, 2025 में 12,500 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। यह निर्गम ऊपरी श्रेणी की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए सूचीबद्धता संबंधी अनिवार्यता के अनुपालन के लिए लाया गया था।9. एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया.. 11,607 करोड़ रुपये (2025)दक्षिण कोरिया के एलजी समूह की भारतीय इकाई ने अक्टूबर, 2025 में 11,607 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम पेश किया था। यह निर्गम पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित था।10. रिलायंस पावर लिमिटेड.. 11,563 करोड़ रुपये (2008)अनिल धीरूभाई अंबानी समूह का हिस्सा रही रिलायंस पावर ने जनवरी, 2008 में आईपीओ के जरिये करीब 11,563 करोड़ रुपये जुटाए थे। हालांकि, भारतीय प्राथमिक बाजार में आईपीओ के अलावा बड़े आकार के अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) भी आए हैं। इनके जरिये पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियां अतिरिक्त पूंजी जुटाती हैं। दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने अप्रैल, 2024 में 18,000 करोड़ रुपये का एफपीओ पेश किया था, जो देश का अबतक का सबसे बड़ा एफपीओ है। वहीं, निजी क्षेत्र के यस बैंक ने जुलाई, 2020 में एफपीओ के जरिये 15,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। आईपीओ के जरिये कोई कंपनी पहली बार शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती है, जबकि एफपीओ का इस्तेमाल पहले से सूचीबद्ध कंपनियां निवेशकों से अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए करती हैं। भाषा प्रेम प्रेम अजयअजय