नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें नीट-पीजी 2026 की उत्तर कुंजी और अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज किए गए उत्तर उजागर करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अनुरोध किया गया है।
न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग और अन्य को नोटिस जारी किया, तथा याचिका को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया।
शीर्ष अदालत ‘डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन’ और अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में अनुरोध किया गया था कि परीक्षा के वास्तविक प्रश्न और उनके विकल्प, अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए उत्तर, और सही उत्तर उपलब्ध कराए जाएं।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में अभ्यर्थियों को स्वतंत्र रूप से यह जांचने की अनुमति नहीं है कि उनके उत्तरों का सही मूल्यांकन किया गया है या नहीं।
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2026 का आयोजन 30 अगस्त को किया गया था। जयपुर के एक केंद्र पर तकनीकी खामी का सामना करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पांच सितंबर को पुन: परीक्षा कराई गई थी।
भाषा
नेत्रपाल संतोष
संतोष