(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, 15 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक हिंदू मंदिर में ‘‘श्रद्धालुओं की भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी’’ करने की कथित कोशिश के आरोप में 19 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया गया है और अधिकारियों को उसके पास से एक पत्र भी मिला है, जिसमें श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा व्यक्त की गई है व ‘‘भारतीय मूल’’ के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख है।
पैलेटाइन गांव के एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। उस पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने इलिनोइस के औरोरा शहर में एक हिंदू मंदिर को ‘‘संभावित रूप से निशाना बनाकर’’ गोलीबारी करने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी बंदूक जाम हो गई। इसके कारण उसे अपनी साजिश टालनी पड़ी और वह घर लौट आया जिससे बड़े नरसंहार की आशंका टल गई।
हालांकि, अधिकारियों ने उस मंदिर का नाम नहीं बताया है, जिसे कथित तौर पर निशाना बनाया जाना था।
पैलेटाइन पुलिस विभाग के खुफिया अधिकारियों ने पापोरकिस से जुड़े संदेशों और एक दस्तावेज की जांच की जिसका शीर्षक ‘व्हाई आई फॉट : ए.के.ए. (औरोरा शूटर्स मैनिफेस्टो)’ था। इस दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारधाराओं को व्यक्त करने वाले बयान थे जिनमें दक्षिण एशियाई विरासत, विशेष रूप से ‘‘भारतीय मूल’’ के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख था।
खुफिया अधिकारियों का मानना है कि पापोरकिस 11 अक्टूबर को हमला करने की साजिश रच रहा था।
पुलिस ने बुधवार को कहा, ‘‘हमले के स्थान की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।’’
शिकागो स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों की समय पर की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि वह भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है।
यह गिरफ्तारी नवरात्र सहित हिंदू त्योहारों के उत्सव के बीच हुई है। यह घटनाक्रम ओहायो के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना के ठीक दो सप्ताह बाद सामने आया है।
पैलेटाइन पुलिस विभाग ने बताया कि 11 अक्टूबर को माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग ने उससे संपर्क किया था और भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की आशंका जताई थी।
यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति से मिली थी, जिसने पापोरकिस से चिंताजनक संदेश मिलने की सूचना दी थी।
‘एनबीसी शिकागो’ की एक खबर के अनुसार, पापोरकिस रेस्तरां ‘टैको बेल’ में कैशियर के तौर पर काम करता था और उसने औरोरा के एक हिंदू मंदिर में ‘‘भारतीय लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी’’ करने की साजिश रची थी।
खबर में पुलिस के हवाले से कहा गया कि वह पिछले रविवार को ‘‘साजिश को अंजाम देने की पूरी तैयारी के साथ’’ गाड़ी से मंदिर पहुंचा था। उसने हमले के लिए ऐसा दिन चुना था, जब मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी।
इसमें कहा गया कि ‘‘अगर राइफल में खराबी न आती, तो वह कई लोगों की जान ले चुका होता।’’
खबर के अनुसार, जांचकर्ताओं ने बताया कि उसके पास ‘‘मोडिफाइड एआर-स्टाइल राइफल और 300 कारतूस, बॉडी आर्मर, पेट्रोल कैन’’ और दस्तावेज आदि मिले हैं।
पापोरकिस को बुधवार को रोलिंग मीडोज स्थित कुक काउंटी के तीसरे नगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसे हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उसकी अगली पेशी 30 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
‘हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन’ ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हम त्वरित कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सराहना करते हैं। हम समुदाय के लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संभावित खतरे की सूचना देने का भी आग्रह करते हैं। प्रत्येक समुदाय बिना किसी भय के पूजा-अर्चना करने का हकदार है।’’
‘कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ ने कहा कि यह ‘‘झकझोर देने वाली साजिश’’ ऐसे समय में सामने आई है, जब हिंदू समुदाय नवरात्र उत्सव के लिए बड़ी संख्या में सामूहिक आयोजन कर रहा है।
संगठन ने कहा, ‘‘हिंदू मंदिर और सभी प्रार्थना स्थल शांति, प्रार्थना और सांत्वना के केंद्र होने चाहिए, न कि नफरत, हिंसा या आतंक के। हम एक त्रासदी को टालने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद करते हैं। हम जनप्रतिनिधियों और पुलिस से मांग करते हैं कि वे हिंदू मंदिरों के खिलाफ बढ़ते खतरों को गंभीरता से लें।’’
पैलेटाइन पुलिस विभाग ने बताया कि वह संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के साथ मिलकर काम कर रहा है।
भाषा खारी मनीषा
मनीषा