तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (भाषा) केरलम के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने बृहस्पतिवार को कहा राज्य सरकार पीएम-श्री योजना के संबंध में आगे की कार्रवाई पर फैसला उप-समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही करेगी।
मंत्री ने इस योजना से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए विधानसभा में कहा कि पिछली वामपंथी सरकार ने इस योजना को लागू करने पर सहमति जताई थी, जिसके कारण मौजूदा सरकार के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है।
शमसुद्दीन ने कहा, 'पिछली सरकार ने पीएम-श्री योजना लागू करने पर सहमति जताई थी और एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें राज्य को योजना से बाहर निकलने की अनुमति देने वाला कोई प्रावधान नहीं है। इस वजह से मौजूदा सरकार संकट का सामना कर रही है।'
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का रुख स्पष्ट है कि केरलम के सरकारी विद्यालयों में राज्य द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अलावा कोई अन्य पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया जा सकता।
मंत्री ने बताया कि योजना के संबंध में राज्य को आगे क्या कदम उठाने चाहिए, इस पर विचार करने और रिपोर्ट देने के लिए एक उप-समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे के फैसले लिए जाएंगे।
विधानसभा में पूछे गए सवाल में पंजाब का भी जिक्र किया गया, जिसने अक्टूबर 2022 में पीएम-श्री योजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे और 241 विद्यालयों का चयन किया था। पंजाब ने जुलाई 2023 में योजना से हटने का फैसला किया था, लेकिन 26 जुलाई 2024 को इसे फिर से लागू करने का निर्णय लिया।
विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में अब 419 विद्यालयों में यह योजना लागू की जा रही है।
सदस्यों ने यह भी कहा कि तमिलनाडु को छोड़कर सभी राज्यों ने योजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पंजाब और अन्य राज्यों में हुए बदलावों को देखते हुए केरलम भी अपने रुख पर फिर से विचार कर सकता है।
मंत्री ने जवाब में संकेत दिया कि केरलम अंतिम फैसला लेने से पहले उप-समिति की सिफारिशों का इंतजार करेगा।
‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ (पीएम-श्री) योजना के तहत 14,500 विद्यालयों को उन्नत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे 18 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य इन विद्यालयों को आदर्श संस्थानों के रूप में विकसित करना और उनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 की भावना को समाहित करना है।
भाषा सिम्मी
सिम्मी