अहमदाबाद, 14 अक्टूबर (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय की न्यायाधीश एस. वी. पिंटो ने पत्रकार रवि नायर की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है, जिसमें एक सत्र अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है। सत्र अदालत ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ नायर की अपील में अतिरिक्त दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लाने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।
मंगलवार को जब यह मामला सुनवाई के लिए सामने आया तो बिना कोई कारण बताए न्यायमूर्ति पिंटो ने कहा, ‘‘इस अदालत के समक्ष नहीं।’’
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) से जुड़े कुछ ट्वीट और लेखों को लेकर कंपनी द्वारा तीन सितंबर 2021 को दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में गांधीनगर जिले की मानसा अदालत ने 10 फरवरी 2026 को पत्रकार को एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
नायर ने गांधीनगर की एक अपीलीय अदालत में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी थी, जिसने नौ मार्च 2026 को उन्हें इस शर्त पर जमानत दे दी थी कि वह अपनी अपील की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहेंगे।
पत्रकार ने सत्र अदालत के समक्ष एक अपील दायर की थी। उन्होंने अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए सत्र अदालत के समक्ष एक आवेदन दिया था लेकिन उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
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प्रचेता प्रशांत
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