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अंकिता भंडारी के माता-पिता का इंडिया गेट पर धरना, राहुल ने मुलाकात कर समर्थन जताया

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को यहां इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की तथा न्याय की उनकी मांग के प्रति समर्थन जताया।

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित रूप से जुड़े एक ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे पीड़िता के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट पर धरना दिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध किया है।

उनका दावा है कि इस पूरे प्रकरण में जिस “वीआईपी” की बात सामने आई थी, वह गौतम जी हैं। सितंबर, 2022 में अंकिता की हत्या के समय गौतम भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी थे।

राहुल और प्रियंका बुधवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। उन्होंने न्याय की लड़ाई में पूरे सहयोग का भरोसा दिया।

इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि चार साल बीतने के बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिला है।

बाद में उन्होंने ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा कि चार साल से भंडारी परिवार को न्याय नहीं मिला, लेकिन “एक वीआईपी” आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिल गया।

उन्होंने कहा, “जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाजा जाता है - उस महिला-विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती।”

उन्होंने कहा, ‘‘आज अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार लेकर अपने घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं। मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं, उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इससे पहले अगस्त में भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी और कहा था कि चार साल बीत चुके हैं और वे अब भी अपनी बेटी के साथ हुए अक्षम्य अपराध के लिए न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

उधर, कांग्रेस ने एक पोस्ट में दावा किया है कि वर्ष 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में भाजपा के तत्कालीन उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे।

पार्टी ने गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पर उन्हें बचाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के इन आरोपों पर भाजपा या गौतम की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

अंकिता के पिता ने गौतम की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा कि मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक उन्हें राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गौतम की नियुक्ति रोकने का अनुरोध किया और कहा कि उन्हें ‘‘सलाखों के पीछे होना चाहिए।’’

अंकिता के माता-पिता हत्याकांड से संबंधित ‘वीआईपी’ की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। वे मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

राहुल और प्रियंका के अलावा कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी तथा कांग्रेस की कुछ और नेताओं ने इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता की माता-पिता का समर्थन किया।

ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19-वर्षीय अंकिता की 18 सितंबर, 2022 की हत्या कर दी गई थी और चार दिन बाद उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ था।

इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

मामले ने पिछले साल दिसंबर में उस समय एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। इसके बाद हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल उठे थे।

कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए। इनमें अंकिता के माता-पिता ने भी हिस्सा लिया था।

बढ़ते विरोध के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस साल जनवरी में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। बाद में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।

अंकिता के माता-पिता अब गौतम की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस इस मामले में ‘वीआईपी’ की भूमिका सार्वजनिक किए जाने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करती रही है।

भाषा हक प्रशांत सुरभि

सुरभि