देहरादून, 14 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन का देश भर में संघर्ष और विरोध प्रदर्शन किसी चुनाव के लिए नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है।
यहां ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग निष्पक्ष हो और मतदाताओं को वोट देने का अधिकार हो, तभी लोकतंत्र बच सकता है। वर्तमान में देश में लोकतंत्र और उसके सिद्धांतों को दबाया जा रहा है और हमारी लड़ाई इसी के खिलाफ है। यह सिर्फ चुनाव से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र और संविधान को बचाने का मामला है।’’
रावत ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश में वोट देने के अधिकार और लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाते, तो नतीजे अलग होते फिर चाहे महाराष्ट्र हो, हरियाणा हो या उत्तराखंड।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन की हार के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए रावत ने कहा कि अगर वोट ‘बनाए’ जाएं, तभी ऐसा हो सकता है।
रावत ने कहा, ‘‘अगर वोट ‘बनाए’ जाएं और निर्वाचन आयोग उनके (भारतीय जनता पार्टी के) साथ मिलकर गड़बड़ी करता रहे तो ऐसा हो सकता है लेकिन अगर स्वतंत्र चुनाव हों और अदालतें स्वतंत्र चुनावों का समर्थन करने के लिए आगे आएं तो नतीजे ‘इंडिया’ गठबंधन के पक्ष में होंगे और हम अपनी सरकार बनाएंगे।’’
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