Breaking News

पंजाब में आज से 3 लाख सरकारी कर्मचारी 'हड़ताल' पर, दफ्तरों से बस सेवाओं तक पड़ेगा असर     |   एशियाई पैरा खेलों में प्रवीण कुमार ने जीता गोल्ड, बंटी ने जीता सिल्वर     |   ओम प्रकाश राजभर ने 29 नवंबर को आजमगढ़ में विशाल रैली का किया ऐलान     |   एशियाई पैरा खेलों में आयुष वर्मा ने शॉट पुट F53 इवेंट में जीता गोल्ड     |   सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ीं, दूसरा केस भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर     |  

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 20 व्यक्तियों और 22 कंपनियों के खिलाफ 10वां पूरक आरोप पत्र दाखिल

रायपुर, 14 अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) ने बुधवार को कथित शराब घोटाले में अपना 10वां पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों/कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि 27 हजार पन्नों का यह आरोप पत्र सहायक दस्तावेजों के साथ रायपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इस मामले में धन शोधन के पहलू की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार राज्य में यह शराब ‘‘घोटाला’’ 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।

जांच एजेंसी ने कहा कि इस कथित घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब कारोबारियों के गठजोड़ से जुड़े लोगों की जेबें भरीं।

राज्य की जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू ने कहा कि 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के इस कथित घोटाले के नवीनतम आरोप पत्र में अवैध शराब निर्माण, परिवहन और बिक्री, कमीशन वसूली, हवाला लेनदेन तथा अपराध की कमाई को फर्मों, कंपनियों एवं संपत्तियों में निवेश करने से जुड़े सबूत शामिल हैं।

आरोप पत्र में नामजद अन्य व्यक्तियों में नवीन केडिया, राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल, भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया उर्फ गोल्डी भाटिया, प्रिंस भाटिया, विधु गुप्ता, अशोक सिंह, नवनीत गुप्ता, सत्येंद्र प्रकाश गर्ग, विकास कुमार, राजीव द्विवेदी, एन उदय राव, आशीष सौरभ केडिया, सुमित कुमार मालू उर्फ टिंकू मालू, रवि बजाज, आशीष श्रीवास्तव, यश टुटेजा, अख्तर ढेबर, बीआर लोहिया और कुमार भाई ठक्कर उर्फ खंजन ठक्कर शामिल हैं।

ईडी के अनुसार, जांच में सबूत मिले हैं कि रामगोपाल अग्रवाल ने पार्टी फंड के नाम पर एक हजार करोड़ से अधिक की नकद राशि प्राप्त की, उसका प्रबंधन किया और उसे स्थानांतरित किया।

अवैध धन प्राप्त करने, उसे पारिवारिक खातों व परिसंपत्तियों के माध्यम से से इधर-उधर करने तथा जमीन के सौदों के जरिए उसके स्रोत को वैध बनाने में पूर्व आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी अनिल टुटेजा (जो इस घोटाले में आरोपी हैं) के बेटे यश टुटेजा की भूमिका के भी सबूत मिले।

छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी लिमिटेड के निदेशक नवीन केडिया, वेलकम डिस्टिलरी के निदेशक राजेंद्र जायसवाल और भाटिया वाइन्स मर्चेंट्स के निदेशक भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया को सिंडिकेट के साथ मिलीभगत में काम करते पाया गया।

कथित घोटाले के तहत कमीशन दो श्रेणियों में दिया गया था-वैध शराब की आपूर्ति के लिए 'पार्ट-ए' कमीशन और आपूर्ति क्षेत्रों/जोन तथा मार्केट शेयर के आधार पर 'पार्ट-सी' कमीशन।

इसके अतिरिक्त, डिस्टिलरीज से आबकारी शुल्क चुकाए बिना अतिरिक्त मात्रा में देसी शराब बनवाई जाती थी। 'पार्ट-बी' के रूप में वर्णित इस शराब की नकली होलोग्राम और फर्जी या डुप्लिकेट परिवहन परमिट का उपयोग करके सरकारी शराब दुकानों में आपूर्ति की जाती थी। इसकी बिक्री का रिकॉर्ड आधिकारिक खातों में दर्ज नहीं होता था, और नकद राशि को अलग से एकत्र करके सिंडिकेट को सौंप दिया जाता था।

एजेंसी का अनुमान है कि 15 जिलों में अवैध रूप से बेची गई 'पार्ट-बी' शराब की 60,50,950 पेटियों का कुल बिक्री मूल्य लगभग 2,174.67 करोड़ रुपये था।

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी शराब दुकानों में सुपरवाइजर, सेल्समैन और अन्य स्टाफ की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार मैनपावर एजेंसियों के संचालकों और प्रबंधकों ने 'पार्ट-बी' शराब की अवैध बिक्री में शराब कारोबारियों की सहायता की। विकास कुमार, राजीव द्विवेदी, एन उदय राव और बीआर लोहिया को इन गतिविधियों में भूमिका निभाते पाया गया।

विदेशी शराब की आपूर्ति के लिए राज्य में शराब की बिक्री को नियंत्रित करने वाले छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड और निर्माता कंपनियों के बीच मध्यस्थ के रूप में निजी संस्थाओं, विशेष रूप से डिशिता वेंचर्स, ओम साई बेवरेजेस और नेक्स्टजेन पावर एंगिटेक को लाकर मुनाफा और कमीशन बनाने की व्यवस्था बनाई गई थी।

उन्होंने बताया कि सिंडिकेट की ओर से विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन वसूलने के लिए संजय दीवान की फर्म 'महाकाल एंटरप्राइजेज' का इस्तेमाल किया गया।

एजेंसी का आरोप है कि अवैध शराब की बिक्री और कमीशन से जुटाए गए नकद को हवाला और 'आंगड़िया' नेटवर्क के जरिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और राजकोट सहित कई शहरों और दुबई तक भेजा गया।

अधिकारियों ने बताया कि रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। वर्तमान में विदेश में रह रहे लोहिया के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है और इंटरपोल की मदद से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शराब घोटाले के सिलसिले में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को पिछले साल ईडी और राज्य की एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।

भाषा संजीव सुरभि

सुरभि