(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 14 अक्टूबर (भाषा) कोलकाता पुलिस ने ममता बनर्जी-नीत तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी से कैमैक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय के होर्डिंग से जुड़े मामले में बुधवार को पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पूछताछ के बाद शेक्सपियर सरणी थाने से बाहर निकलने पर अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस, सत्तारूढ़ भाजपा के निर्देशों पर राजनीतिक विरोधियों को परेशान कर रही है।
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के सिलसिले में पूछताछ के लिए पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास पर दो नोटिस दिए गए थे, जिसमें उन्हें अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
केएमसी ने आरोप लगाया था कि मध्य कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित एक इमारत से तृणमूल का होर्डिंग हटाने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी एवं मारपीट की गई थी। इस इमारत में ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का दफ्तर है।
यह घटना 27 अगस्त को होर्डिंग हटाने के दौरान हुए हंगामे से जुड़ी है।
अधिकारी ने बताया कि डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचे थे।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘पुलिस अपने वरिष्ठ अधिकारियों और बदले की भावना से काम करने वाली इस सरकार के निर्देशों का पालन कर रही है। चाहे ईडी हो या सीबीआई, मैं पूछताछ से कभी नहीं भागा और बुलाए जाने पर हमेशा हाज़िर हुआ, लेकिन शारदा और ‘नारदा’ घोटालों में शामिल व्यक्ति का क्या?’’
अभिषेक बनर्जी का इशारा पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी की ओर था, जो दिसंबर 2020 तक (एकीकृत) तृणमूल कांग्रेस के साथ थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ़ उनकी पार्टी को ही निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पार्टी के खाते फ्रीज करने और होर्डिंग के मुद्दे का ज़िक्र किया।
उन्होंने दावा किया कि राज्य और केंद्र सरकारें गैर-कानूनी हैं, क्योंकि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मदद से ‘धोखाधड़ी वाले चुनावी तरीकों’ से बनी थीं।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘वह (कुमार) भाजपा की जान हैं, और इसीलिए नरेन्द्र मोदी एवं अमित शाह उन्हें बचा रहे हैं। हम एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने के लिए उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि कैमक स्ट्रीट पर कई होर्डिंग थे, लेकिन सिर्फ़ उनकी पार्टी के नाम वाले होर्डिंग को ही निशाना बनाया गया।
तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ वाला होर्डिंग हटाते समय पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों को बनर्जी के समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा था।
इस घटना के संबंध में शेक्सपियर सरणी थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इसके अलावा, दमकल विभाग ने भी इस मामले में अलग से नोटिस जारी किया था।
भाषा
राजकुमार सुरेश
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