नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने शशि किरण शेट्टी फैमिली ट्रस्ट को ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स में 34.41 प्रतिशत हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए खुली पेशकश की अनिवार्यता से बुधवार को छूट दे दी।
यह अधिग्रहण कंपनी के प्रवर्तक शशि किरण जनार्दन शेट्टी की 51.54 करोड़ शेयरों की हिस्सेदारी को ट्रस्ट में स्थानांतरित करने से जुड़ा है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के मुताबिक, यह कदम प्रवर्तक परिवार की हिस्सेदारी के आंतरिक पुनर्गठन, उत्तराधिकार की योजना और संपत्ति के एकीकरण के तहत उठाया जा रहा है।
सेबी ने कहा कि प्रस्तावित लेनदेन से कंपनी में प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह की कुल हिस्सेदारी में बदलाव नहीं होगा। यह गैर-वाणिज्यिक प्रकृति का लेनदेन है और इससे कंपनी के सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
ट्रस्ट के न्यासी और लाभार्थी मौजूदा प्रवर्तक, उनके निकट परिवार के सदस्य और उनके वंशज हैं।
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने अपने आदेश में ट्रस्ट को सेबी के महत्वपूर्ण शेयरों का अधिग्रहण एवं अधिग्रहण नियम, 2011 के तहत खुली पेशकश की अनिवार्यता से छूट दी।
हालांकि, यह छूट कुछ शर्तों के अधीन है। इनमें लागू कानूनों का पालन करना और अधिग्रहण पूरा होने के 21 दिन के भीतर सेबी को रिपोर्ट देना शामिल है।
प्रस्तावित लेनदेन आदेश के वर्ष के बाद एक साल के भीतर पूरा करना होगा, अन्यथा छूट समाप्त हो जाएगी।
सेबी ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल खुली पेशकश की अनिवार्यता से संबंधित है और इससे अन्य खुलासों तथा नियामकीय दायित्वों से राहत नहीं मिलती है।
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