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भजन कार्यक्रम में भाजपा नेता पर नोटों की बारिश से विवाद छिड़ा; पार्टियों ने इस हरकत पर सवाल उठाये

जालना, 14 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के जालना में एक भजन कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल पर नोटों की बारिश किये जाने से संबंधित एक वीडियो सामने आने पर विवाद खड़ा हो गया है।

इलाके में सूखे और पानी की कमी के बीच, विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टियों ने इस हरकत के औचित्य पर सवाल उठाए हैं।

यह घटना मंगलवार रात शहर में मनमादेवी मंदिर के पास आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई।

विपक्षी शिवसेना (उबाठा) के अलावा, सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना के मंत्री संजय शिरसाट ने भी इस घटना को लेकर गोरंट्याल की आलोचना की और कहा कि राज्य में पड़े सूखे के समय ऐसी हरकतों को आम लोग पसंद नहीं करेंगे।

खबरों के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं के कहने पर गोरंट्याल भक्ति गीत कार्यक्रम में शामिल हुए और भजन की धुन पर थिरके।

कार्यक्रम के दौरान, कुछ लोगों ने उनपर कथित तौर पर 500 और 200 रुपये के नोट बरसाए।

सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह से नोट बरसाये जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी आलोचना की गई, जबकि राज्य के कई हिस्से सूखे की चपेट में हैं और किसान फसल के नुकसान, बढ़ते कर्ज और पानी एवं चारे की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गोरंट्याल ने कहा कि यह एक धार्मिक कार्यक्रम था और ऐसे आयोजनों के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक रूप से नोट बरसाया करते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो साझा किया जा रहा है, वह अधूरा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अक्सर लक्खा सिंह के गाये देवी और हनुमान जी के भक्ति गीत सुनता हूं। जब कोई व्यक्ति पूरी तरह मग्न होकर सबके सामने नृत्य करता है, तो उसे पता नहीं चलता कि क्या हो रहा है... या कोई आप पर नोट बरसा रहा है...।’’

गोरंट्याल ने कहा, ‘‘अगर आप पूरा वीडियो देखें, तो हमने सूखे के मौजूदा हालात को देखते हुए किसानों के लिए प्रार्थना भी की थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक काबिल नेता हैं और उन्होंने सूखे से प्रभावित लोगों के लिए कई फैसले लिये हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी लोग ऐसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं, तो वे चाहते हैं कि हम उनमें शामिल हों और कभी-कभी हमें उनके साथ थिरकना भी पड़ता है। हम उनकी भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते... अगर हम सूखे से निपटने के लिए कदम उठाने में नाकाम रहते हैं, तो लोगों को हमसे सवाल पूछना चाहिए।’’

मंत्री शिरसाट ने गोरंट्याल की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘सूखे के समय में ऐसे कार्यक्रम के आयोजन को आम लोग पसंद नहीं करेंगे। गोरंट्याल अब भाजपा में हैं और उन्हें पार्टी की कार्यशैली के अनुरूप ढलने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें याद रखना चाहिए कि वह कांग्रेस में नहीं हैं।’’

शिवसेना (उबाठा) के ज़िला अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा नेता सूखे की वजह से किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर गंभीर नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर भाजपा नेता सच में मदद करना चाहते हैं, तो उन्हें एक धर्मार्थ ‘डांस शो’ आयोजित करना चाहिए और उससे होने वाली कमाई सूखे से प्रभावित लोगों को दान कर देनी चाहिए।’’

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश