अमरावती, 14 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश के अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन बुधवार को विजयवाड़ा में इंद्रकीलाद्री स्थित मंदिर में देवी कनक दुर्गा की पूजा-अर्चना की।
मुर्मू ने पहाड़ी पर स्थित श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी देवस्थानम में पूजा की। राष्ट्रपति रात में शहर में ही ठहरेंगी।
राष्ट्रपति पुन्नमी घाट पर आयोजित ‘सेल ऑफ आर्टिकल्स ऑफ रूरल आर्टिजन्स सोसाइटी’ (सरस) मेले में बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से अपराह्न एक बजे तक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है।
इसके बाद वह अपराह्न 1:10 से 2:10 बजे तक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों और ‘लखपति दीदियों’ के साथ दोपहर के भोज में शामिल होंगी। इसके बाद वह नयी दिल्ली रवाना होने के लिए अपराह्न 2:45 मिनट पर गन्नवरम हवाई अड्डे पहुंचेंगी।
‘लखपति दीदी’ स्वयं सहायता समूह की ऐसी महिला सदस्य होती है, जिसके परिवार की सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये हो और जिसकी औसत मासिक आय कम से कम चार कृषि या व्यावसायिक चक्रों के दौरान 10,000 रुपये से अधिक रही हो।
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत आयोजित होने वाले सरस आजीविका मेले ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का मंच प्रदान करते हैं।
यह मेला 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 500 से अधिक दुकानें लगाई गई हैं, जहां देशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुओं, कपड़ों और अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शहरी ग्राहकों तक सीधे पहुंच प्रदान करना, उनके बाजार का दायरा बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को भी बढ़ावा देती है। साथ ही, इससे उत्पादों की 'पैकेजिंग', 'ब्रांड' पहचान और विपणन के क्षेत्र में महिलाओं की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
भाषा प्रचेता रंजन
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