नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को यहां इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की और उनके प्रति समर्थन जताया।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित रूप से जुड़े एक ‘वीआईपी’ की राजनीतिक नियुक्ति के विरोध में पीड़िता के माता-पिता धरने पर बैठे हैं।
कांग्रेस ने दावा किया कि वर्ष 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे।
पार्टी ने 'वीआईपी' गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पर उन्हें बचाने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस के इन आरोपों पर भाजपा या गौतम की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
अंकिता के पिता ने गौतम की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा कि मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक उन्हें राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गौतम की नियुक्ति रोकने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि उन्हें ‘‘सलाखों के पीछे होना चाहिए।’’
अंकिता के माता-पिता हत्याकांड से संबंधित कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं तथा मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की 18 सितंबर, 2022 को हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद उसका शव चीला नहर से बरामद किया गया था।
इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मामले ने पिछले साल दिसंबर में उस समय एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया था, जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे।
इसके बाद हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल उठे थे।
कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में अंकिता के माता-पिता ने भी हिस्सा लिया था।
बढ़ते विरोध के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस साल जनवरी में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी और बाद में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।
अंकिता के माता-पिता अब गौतम की राजनीतिक नियुक्ति का विरोध करते हुए दिल्ली में धरने पर बैठे हैं।
कांग्रेस लंबे समय से इस मामले में कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भूमिका सार्वजनिक किए जाने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करती रही है।
भाषा हक पवनेश जोहेब
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