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भाजपा की जन जागरण रैलियों में भारी भीड़ लोगों के विपक्ष की अराजकता को नकारने का सबूत: हिमंत

गुवाहाटी, 14 अक्टूबर (भाषा) मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को असम में जन जागरण रैलियां निकालीं।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दावा किया कि इन रैलियों में भारी भीड़ का उमड़ना इस बात का सबूत है कि लोगों ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की “अराजकता” की राजनीति को नकार दिया है।

भाजपा की असम इकाई ने एसआईआर का विरोध करके राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कांग्रेस की कथित कोशिशों के खिलाफ जनमत जुटाने के लिए मंगलवार को नलबाड़ी से राज्यव्यापी जन जागरण रैली की शुरुआत की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा), छात्र संगठनों और नागरिक समाज के सदस्यों के आंदोलन के विरोध में बुधवार को जोरहाट, सिलचर और गुवाहाटी में भी ऐसी रैलियां आयोजित की गईं।

रैलियों में भारी भीड़ उमड़ने का जिक्र करते हुए हिमंत ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “आज असम के जोरहाट में लोगों की बुलंद आवाज से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को समझ जाना चाहिए कि जनता का गुस्सा कांग्रेस की अराजकता के खिलाफ है। लोग कांग्रेस की ओर से फैलाई जा रही अफवाहों से गुमराह नहीं होंगे।”

भाजपा ने घोषणा की है कि वह 31 अक्टूबर तक हर जिला मुख्यालय में शांतिपूर्ण रैलियां निकालेगी, ताकि लोगों को कांग्रेस की उन कोशिशों के बारे में जागरूक किया जा सके, जिनके जरिये “पार्टी संवैधानिक संस्थाओं को ब्लैकमेल करने, एसआईआर का विरोध करके अवैध घुसपैठियों को बचाने और लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।”

बराक घाटी के सिलचर शहर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ नारे लगाते हुए एक बड़ी रैली निकाली।

हिमंत ने कहा, “बराक घाटी के लोगों ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ और हमारे संस्थानों को बदनाम करने तथा उनकी विश्वसनीयता घटाने की उसकी नापाक मंशा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। वे संवैधानिक प्रक्रियाओं और देश की सुरक्षा के लिए त्रुटिरहित मतदाता सूची की जरूरत के समर्थन में मजबूती से खड़े रहे।”

गुवाहाटी शहर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया की अगुवाई में एक रैली निकाली गई, जो वेटनरी ग्राउंड से शुरू हुई।

हिमंत ने कहा, “कांग्रेस और विपक्ष गठबंधन ‘इंडिया’ की अराजक गतिविधियों के खिलाफ गुवाहाटी में भारी आक्रोश है। गुवाहाटी ने अपनी बात कह दी है। जोरदार तरीके से, स्पष्ट और एकजुट होकर। कांग्रेस, अब तुम्हारा खेल खत्म है!”

सैकिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ ने देश-विरोधी ताकतों से हाथ मिला लिया है, लेकिन युवा ऐसे सभी इरादों को नाकाम कर देंगे।

उन्होंने कहा, “जन जागरण रैली लोकतंत्र को मजबूत करने और देश-विरोधी ताकतों की मंशा पर पानी फेरने के लिए आयोजित की जा रही है।”

सैकिया ने कहा कि जब भी कांग्रेस सत्ता से बाहर होती है, तो “वह घबरा जाती है और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाती है।”

उन्होंने कहा, “विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ और देश-विरोधी ताकतें संविधान के तहत गठित लोकतांत्रिक संस्थाओं की आजादी को कमजोर करने और लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ यानी न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को घटाने की साजिश रच रही हैं। हम इन साजिशों को कामयाब नहीं होने देंगे।”

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को चुनौती दी कि वह राष्ट्रपति को ‘वोट चोरी’ के सबूत सौंपें, जिसका आरोप उनकी पार्टी लगाती रही है।

सैकिया ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया 2024 के बाद ही शुरू हुई थी, ऐसे में कांग्रेस उससे पहले लगातार मिली चुनावी हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी।

उन्होंने कांग्रेस से कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और केरलम में सत्ता छोड़ने की मांग की, जहां उसने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल करके चुनाव जीते थे।

भाषा पारुल रंजन

रंजन