(फाइल फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 14 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य की जेलों में कैदियों द्वारा बनाए जाने वाले सामान का उत्पादन बढ़ाने और आकर्षक पैकेजिंग के साथ उनकी बिक्री के तरीके तलाशें।
यहां कर्नाटक कारागार विकास बोर्ड की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष प्रियंक ने जेलों में बने उत्पादों के लिए उपयुक्त बाजार तलाशने, बिक्री बढ़ाने और बोर्ड को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कैदियों के कौशल को विकसित करने और उनके पुनर्वास में मदद वाली पहल को मजबूत करना जरूरी है, साथ ही उनके बनाए उत्पादों के लिए एक स्थिर बाजार भी सुनिश्चित करना चाहिए।
कांग्रेस नेता के कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी विपणन नेटवर्क स्थापित करके मांग बढ़ाने के उपाय किए जाने चाहिए।
बैठक में जेलों में आर्ट थेरेपी कार्यक्रम लागू करने, कैदियों की मानसिक भलाई और पुनर्वास में मदद के लिए गैर-सरकारी संगठनों के साथ सहयोग, नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना और जेल में बने उत्पादों के विपणन को मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रियंक ने कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल होने के निर्देश के बावजूद वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित नहीं हुए और कनिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार, स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, बागवानी और उद्योग सहित कई विभागों के प्रमुखों ने अपनी जगह कनिष्ठ अधिकारियों को बैठक में भेजा था।
भाषा सुरभि अविनाश
अविनाश