चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (भाषा) सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ मैड संधू की हत्या के मामले में एक प्रमुख आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मैड संधू का असली नाम मधुसूदन था। उन्हें तीन अक्टूबर को अमृतसर की लोहारका रोड पर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने नजदीक से गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। संधू अपनी कार लेने वहां गए थे, जिसे उन्होंने धुलवाने के लिए दिया था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जोबनप्रीत सिंह तरनतारन जिले के जंडोके गांव का रहने वाला है। पुलिस दलों ने उसके पास से तीन आधुनिक पिस्तौल, पांच मैगज़ीन एवं 11 कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस ने बताया कि पंजाब पुलिस की आसूचना शाखा की जालंधर इकाई ने महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के साथ मिलकर मुंबई के चेंबूर से जोबनप्रीत सिंह को पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक शूटर समेत कुल 11 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जालंधर की ‘काउंटर इंटेलिजेंस’ इकाई ने मैड संधू हत्याकांड में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुंबई के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के साथ मिलकर प्रमुख आरोपी जोबनप्रीत को मुंबई से गिरफ्तार किया है। उसके पास से तीन पिस्तौल, पांच मैगजीन और 11 कारतूस बरामद किए गए हैं।’’
यादव के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विदेश में बैठे लोगों के निर्देश पर जोबनप्रीत ने हमलावरों तक हथियार पहुंचाने, उन्हें पैसे मुहैया कराने और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई थी।
पुलिस महानिदेशक ने पोस्ट में कहा, ‘‘उसने तरनतारन जिले में रंगदारी वसूली से जुड़ी गोलीबारी की तीन घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।’’
यादव ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि अमृतसर पुलिस आयुक्तालय की टीम ने इस मामले में मंगलवार को दो आरोपियों-- हरसिमरन सिंह और फतेह सिंह-- को गुजरात से गिरफ्तार किया था।
उसने बताया कि ये दोनों आरोपी तरनतारन जिले के सांघे गांव के निवासी हैं और उन पर हत्या से पहले इलाके की ‘रेकी’ करने में भूमिका निभाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद अमृतसर पुलिस आयुक्तालय की टीम ने गुजरात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य हमलावर परमिंदर सिंह उर्फ काका के अलावा बलराज सिंह उर्फ बंटी, विकास सिंह, बलजिंदर सिंह उर्फ लाली, अमनदीप सिंह और परमवीर सिंह शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या से पहले रेकी करने, हथियार उपलब्ध कराने और अपराध को अंजाम देने के लिए अन्य जरूरी मदद मुहैया कराने जैसी अलग-अलग भूमिकाएं निभाई थीं।
भाषा राजकुमार सुरेश
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